इंडियन प्रीमियर लीग-2021 (Indian Premier League 2021) की शुरुआत 9 अप्रैल से होने जा रही है. पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) के बीच खेला जाना है, जबकि फाइनल मैच 30 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium, Ahmedabad) में होगा. इस सीजन कुछ नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जिसके चलते गलती की गुंजाइश लगभग ना के बराबर रह जाएगी. आइए, जानते हैं उन सभी नए नियमों के बारे में.

90 मिनट में समाप्त होगी पारी: मैच अब समय से ज्यादा वक्त पर समाप्त नहीं होगा. नए नियम के मुताबिक पारी के 20 ओवर 90 मिनट के अंदर खत्म करने होंगे. हर घंटे औसतन 14.11 ओवर फेंकने होंगे, जिसमें टाइम-आउट नहीं होगा. इसका अर्थ ये है कि 85 मिनट ओवर फेंकने के लिए मिलेंगे, जबकि 5 मिनट टाइम-आउट का. बता दें कि देरी या रुकावट के चलते अगर वक्त पर ओवर पूरे ना हो सके थे, प्रति ओवर 4.15 मिनट अतिरिक्त मिल सकते हैं.

थर्ड अंपायर को ‘नो-बॉल/शॉर्ट रन’ बदलने का हक: इस सीजन थर्ड अंपायर को मैदानी अंपायर के नो-बॉल और ‘शॉर्ट रन कॉल’ को बदलने का अधिकार होगा. बता दें कि पिछले सत्र दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मुकाबले के दौरान ‘शॉर्ट रन कॉल’ पर काफी विवाद हुआ था.

‘सॉफ्ट सिग्नल नियम’ खत्म: मैदानी अंपायर द्वारा अगर आउट का सॉफ्ट सिग्नल भी दिया जाता है, तो इसका थर्ड अंपायर के निर्णय पर कोई प्रभाव नहीं होगा. इससे पहले अगर मैदानी अंपायर किसी फैसले को लेकर तीसरे अंपायर का सहारा लेता था तो उसे ‘सॉफ्ट सिग्नल’ देना होता था.

फोर्थ अंपायर को चेतावनी देने का अधिकार: इस सीजन चौथे अंपायर को अधिकार दिया गया है कि वह बल्लेबाजी टीम के जानबूझकर वक्त बर्बाद करने पर चेतावनी दे सकेगा. अगर बल्लेबाजी टीम की वजह से गेंदबाजी करने वाली टीम निर्धारित वक्त में 20 ओवर नहीं फेंक पाए, तो फोर्थ अंपायर बल्लेबाजी करने वाली टीम के समय में कटौती कर सकता है. चौथे अंपायर की जिम्मेदारी होगी कि बल्लेबाजी करने वाली टीम के कप्तान समेत टीम मैनेजर को चेतावनी की जानकारी हो.