प्लेऑफ में जगह पक्की करने के बाद राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के खिलाफ मुकाबले में एकतरफा हार का सामना करने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने कहा कि खिलाड़ी इस हार को भुला दें लेकिन इससे सीख लेना जरूरी है क्योंकि अगर प्लेऑफ में ऐसा कुछ फिर से होता है तो फिर सीखने का क्या मतलब रह जाएगा।

मैच के बाद कप्तान धोनी ने कहा, “टॉस हारना बुरा रहा। 190 का स्कोर अच्छा था और ओस की वजह से पिच सपाट हो गई और गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आने लगी। आपको अच्छी बल्लेबाजी करने की जरूरत थी और उन्होंने ऐसा किया और गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने पहले 6 ओवरों में ही खेल को छीन लिया। जिस तरह से वो बल्लेबाजी कर रहे थे 250 का स्कोर पर्याप्त होता।”

हार के बावजूद धोनी ने शतकीय पारी खेलने वाले रुतुराज गायकवाड़ की तारीफ की। उन्होंने कहा, “जब उनके रिस्ट स्पिनर गेंदबाजी कर रहे थे तो गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी और ये बाद में बेहतर होने लगा। इस वजह से रुतुराज ने वास्तव में बेहतरीन बल्लेबाजी की। अक्सर जब आप मैच हार जाते हैं तो ये पारियां छुप जाती हैं लेकिन ये एक शानदार पारी थी।”

कैप्टन कूल ने माना कि इस मुकाबले में चेन्नई को अपने प्रमुख तेज गेंदबाज दीपक चाहर की कमी खली। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बल्लेबाजों को जल्दी से आकलन करना चाहिए कि एक अच्छा स्कोर क्या है, और आप टी20 फॉर्मेट में कड़ी मेहनत करते हैं और फिर महसूस करते हैं कि ये 160-180 विकेट नहीं है।”

धोनी ने कहा, “उन्होंने जल्दी से परिस्थितियों का आकलन किया और मध्य क्रम पर दबाव नहीं बनने दिया। दीपक पहले के खेलों में नई गेंद के साथ वास्तव में अच्छा था, और आज हमने उसे मिस किया, क्योंकि आज गेंदबाज दबाव में थे।”

कैप्टन कूल ने कहा, “हम फ़ील्ड सेट करने के मामले में भी आयामों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते थे। भूलना महत्वपूर्ण है लेकिन इस खेल से सीखना भी है, क्योंकि प्लेऑफ मैच में ऐसा होने पर सीखने का कोई मतलब नहीं है।”