आईपीएल 2020 से ठीक पहले टाइटल स्‍पॉन्‍सरशिप का मुद्दा गर्माया रहा. लगता है 2021 में होने वाले आईपीएल के दौरान भी ये मुद्दा पिछले साल की तर्ज पर चर्चा का विषय बना रहेगा क्‍योंकि मुख्य स्‍पॉन्‍सर वीवो इस सीजन में भी टाइटल स्‍पॉन्‍सरशिप में दिलचस्‍पी नहीं दिखा रहा है. रिपोर्ट्स की माने तो वीवो किसी नए ब्रांड को अपने अधिकार ट्रांसफर करने पर विचार कर रहा है. अगर ऐसा होता है तो भी बीसीसीआई को फायदा ही होगा.

बीसीसीआई और वीवो के बीच साल 2018 में आईपीएल की टाइटल स्‍पॉन्‍सरशिप के लिए पांच साल का अनुबंध हुआ था. दो साल तक स्‍पॉन्‍सरशिप की जिम्‍मेदारी अच्‍छे से निभाने के बाद 2020 में कोरोन काल के दौरान वीवो अपनी पीछे हट गया. जिसके बाद आनन फानन में बीसीसीआई ने ड्रीम11 कंपनी को टेंडर के माध्‍यम से 222 करोड़ रुपये में चुना था. ड्रीम11 को केवल आईपीएल 2020 में स्‍पॉन्‍सरिशप के अधिकार दिए गए.

इकनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट्स के मुताबिक वीवो अपनी मीडिया एजेंसी ग्रुप-एम के माध्‍यम से स्‍पॉन्‍सरशिप ट्रांसफर करने के लिए नए खरीदार की तलाश कर रहा है. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि इस संबंध में वीवो की तरफ से उन्‍हें कोई औपचा‍रिक जानकारी नहीं दी गई है. 2020 की परिस्थित अलग थी लेकिन इस साल हम वीवो से पूरी राशि प्राप्‍त करने की उम्‍मीद कर रहे हैं.

बीसीसीआई और वीवो के बीच हुए अनुबंध में पांच प्रतिशत असाइंगमेंट फीस रखी गई है. अगर वीवो इस वर्ष टाइटल स्‍पॉन्‍सरशिप से पीछा हटा और उसने किसी  नई कंपनी को चुना तो उसे ये राशि बीसीसीआई को देनी ही होगी.