IPL 2018 के पर्पल कैप विनर पर किसी टीम ने नहीं लगाया दांव, बोले- गेंदबाज को अहंकार नहीं करना चाहिए

एंड्रयू टाई को इस सीजन किसी ने नहीं खरीदा लेकिन ऑक्‍शन के बाद रिप्‍लेसमेंट के तौर पर वो लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्‍सा बन गए हैं।

Edited By : Cricket Country Staff |Apr 05, 2022, 11:12 AM IST

Published On Apr 05, 2022, 11:12 AM IST

Last UpdatedApr 05, 2022, 11:12 AM IST

Andrew Tye @ Twitter

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लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज एंड्रयू टाय (Andrew Tye) को लगता है कि टी20 क्रिकेट में एक गेंदबाज को किसी भी तरह का अहंकार नहीं होना चाहिए। टाय ने पंजाब किंग्स (Punjab Kings) का प्रतिनिधित्व करते हुए 2018 आईपीएल में पर्पल कैप जीता था। टाय आईपीएल (IPL 2022) में मेगा नीलामी के दौरान अनसोल्ड रहे थे, लेकिन बाद में आईपीएल 2022 शुरू होने से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा चोट लगने से बाहर हुए इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड (Mark Wood) की जगह टीम में लाया गया था।

टाय ने ब्रॉडकास्टर्स स्टार स्पोर्ट्स के साथ मैच से पहले कहा, “टी20 क्रिकेट में एक गेंदबाज के रूप में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं है। आप उस गेंद को पूरी तरह से फेंक सकते हैं, जो आप चाहते हैं, लेकिन इस दौरान गेंद को किसी तरह सीमा तक जाने से रोकना होता है। हम हर गेंद पर विकेट नहीं ले सकते, लेकिन गेंद को हिट कराने से रोक सकते हैं, ताकि वह बाउंड्री तक न जाए।”

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पिछले कुछ वर्षों में, टाय ने धीमी गेंदों और यॉर्कर की विविधता के कारण खुद को डेथ ओवरों के विशेषज्ञ के रूप में बदला। लेकिन, टाय के अनुसार, इस बदलाव की शुरुआत करना आसान नहीं था।

उन्होंने आगे कहा, “मैं पहले गेंदबाजी करना भूल गया था, मेरी गति धीमी हो गई थी। पहले मेरी गति लगभग 140 किमी प्रति घंटे तक होती थी और फिर मैंने अधिकतम 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद को फेंकना शुरु कर दिया और फिर सौभाग्य से मेरे गेंदबाजी कोच (मैट मेसन) टीम में वापस आ गए, इसके बाद मैंने अपनी गेंदबाजी की लय को फिर से पकड़ा।” टाय ने अपने खेल में बदलाव किया, जिससे टी20 क्रिकेट में टीम को फायदा हुआ है।

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