बीसीसीआई (BCCI) ने पुष्टि की कि अगर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2022) के 15वें सीजन के दौरान किसी फ्रेंचाइजी के खिलाड़ी या स्टाफ बायो बबल प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें एक मैच के बैन या 7 दिन के सख्त क्वारेंटीन का सामना करना पड़ सकता है.

आईपीएल 2022 के दौरान खिलाड़ियों और टीम के अधिकारियों द्वारा बायो बबल प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर गंभीर प्रतिबंध लग सकते हैं. जिसमें एक मैच के निलंबन से लेकर सात दिन के क्वारंटाइन के साथ टूर्नामेंट से बहिष्कार तक शामिल हैं.

किसी खिलाड़ी या मैच अधिकारी के परिवार के सदस्य द्वारा बायो बबल प्रोटोकॉल तोड़ करने की स्थिति में बीसीसीआई ने और भी कड़ी सजा का प्रावधान किया है.

अगर कोई टीम जानबूझकर किसी बाहरी व्यक्ति को टीम के बायो बबल में आने देती है, तो उसे पहली बार नियम तोड़ने पर 1 करोड़ रुपये तक की सजा हो सकती है और गलती दोहराए जाने की स्थिति में टीम के एक या दो अंक काटे जा सकते हैं.

बीसीसीआई ने मंगलवार को जारी किए आधिकारिक बयान में कहा, “कोविड-19 महामारी लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए किए गए उपायों के लिए इन नियमों के प्रति हर किसी का सहयोग, प्रतिबद्धता और पालन सर्वोपरि है.”

एक खिलाड़ी, टीम अधिकारी या मैच अधिकारी द्वारा बायो बबल प्रोटोकॉल तोड़े जाने पर मिलने वाली सजा:

पहला अपराध – आईपीएल 2022 के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल के द्वारा निर्धारित किए गए नियमों के अनुसाल सात दिन का क्वारेंटीन (छूटे हुए मैचों की फीस के बिना).

दूसरा अपराध – 7 दिन का क्वारेंटीन (मैच फीस के बिना) पूरा होने के बाद एक मैच का बैन.

तीसरा अपराध – बाकी सीज़न के लिए टीम के स्क्वाड से बाहर किया जाएगा. साथ ही टीम को कोई विकल्प नहीं मिलेगा

परिवार के सदस्य के बायो बबल प्रोटोकॉल तोड़ने पर मिलने वाली सजा:

पहला अपराध – परिवार के सदस्य और उससे संबंधित खिलाड़ी, टीम अधिकारी या मैच अधिकारी के लिए सात दिन का क्वारेंटीन (छूटे हुए मैचों की फीस के बिना)

दूसरा अपराध – बाकी सीज़न के लिए दोस्त या परिवार के सदस्य क बायो बबल से हटाना और संबंधित खिलाड़ी, अधिकारी या स्टाफ के लिए सात दिन का क्वारेंटीन (छूटे हुए मैचों की फीस के बिना).

बाकी बायो बबल उल्लंघन के लिए तय किए गए नियम:

जानबूझकर किसी भी व्यक्ति जिसने की सात दिन का क्वारेंटीन ना किया हो, उसे बायो-सिक्योर बबल में खिलाड़ियों और/या सपोर्ट स्टाफ से संपर्क करने की अनुमति देने पर BCCI उस फ्रेंचाइजी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगा सकती है या फिर टीम का एक काट सकती है. यही गलती दूसरी या तीसरी बार दोहराए जाने की स्थिति में टीम 2 अंक की कटौती हो सकती है.

किसी खिलाड़ी या उसके परिवार के सदस्य के बायो-सिक्योर बबल से अचानक जाने, जिसके परिणामस्वरूप खिलाड़ी को फिर से 7 दिन तक क्वारेंटीन करना पड़े. ऐसे में फ्रेंचाइजी द्वारा बीसीसीआई को प्रो-राटा लीग शुल्क का देय जुर्माना जो खिलाड़ी को भुगतान किया जाता अगर वो मैच के लिए दौरान उपलब्ध होता.

आईपीएल 2022 के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बाकी उल्लंघन (जैसे कि होटलों, प्रशिक्षण सुविधाओं और जमीनी परिवहन में “जरूरी” सुविधाओं का प्रावधान नहीं होने पर) बीसीसीआई इन नियमों का पालन करवाने के लिए फ्रेंचाइजी के साथ काम करेगा. अगर इसके बाद भी लगातार उल्लंघन होते हैं, तो बीसीसीआई इन परिचालन नियमों की धारा 6 के तहत सुनवाई के लिए शिकायत करेगा.