पूर्व भारतीय दिग्गज का अर्शदीप सिंह पर फूटा गुस्सा, कहा - नस्लवाद के लिए पूरे सीजन का लगे बैन
भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह अपनी एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं. जिसमें उन्होंने तिलक वर्मा पर नस्लीय टिप्पणी की है.
Published On May 15, 2026, 08:12 PM IST
Last UpdatedMay 15, 2026, 08:12 PM IST
पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह एक वीडियो को लेकर विवादों में छाए हुए हैं. उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच के बाद तिलक वर्मा से वीडियो में पूछा कि ओए अंधेरे, सनस्क्रीन लगाया. इस टिप्पणी पर अर्शदीप की चारों तरफ आलोचना हो रही हैं.
वहीं अर्शदीप सिंह को बैन करने की मांग भी सोशल मीडिया पर उठाई जा रही है. भारत के पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अर्शदीप की नस्लीय टिप्पणी पर निराशा व्यक्त की है. शिवरामकृष्णन ने अर्शदीप के इस व्यवहार पर उन्हें पूरे सीजन के लिए बैन करने की मांग कर रहे हैं.
पूर्व स्पिनर ने की बैन लगाने की मांग
भारत के पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अपने एक्स पर कहा कि मैंने तुम लोगों से कहा था. तिलक अभी कुछ नहीं कह सकते क्योंकि वह अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं. लेकिन बीसीसीआई इस सबूत के साथ कार्रवाई कर सकता है. यह अब सिर्फ एक खेल नहीं रह गया है, यह एक पेशा है.

आगे उन्होंने लिखा कि किसी ने मेरा विश्वास नहीं किया. सबने मेरा मजाक उड़ाया और मुझे ट्रोल किया. अर्शदीप को इस सीजन के लिए प्रतिबंधित (बैन) किया जाना चाहिए और उन्हें प्रो-राटा आधार (काम के हिसाब से) पर भुगतान किया जाना चाहिए. आज के खिलाड़ियों को वहीं चोट मारनी चाहिए जहाँ सबसे ज्यादा दर्द होता है. मुझे यकीन है कि मुझे फिर से ट्रोल किया जाएगा. अगर बीसीसीआई कार्रवाई करता है, तो मैं उन लोगों के नाम बताऊंगा. जिन्होंने मेरे साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया था, बशर्ते बीसीसीआई उनके खिलाफ कार्रवाई करे.
वीडियो में क्या बोले थे अर्शदीप
अर्शदीप सिंह ने अपने स्नैपचैट के 29 सेकेंड के वीडियो में तिलक वर्मा से पूछा कि ‘ओए अंधेरे, सनस्क्रीन लगाया?’ इसके बाद उन्होंने तिलक के साथी खिलाड़ी नमन धीर की तरफ इशारा करते हुए. उन्हें पंजाब का असली ‘नूर’ बताया. जिसके बाद फैंस ने अर्शदीप को ट्रोल करना शुरू कर दिया. कुछ दिनों पहले ही अर्शदीप का ब्लॉग चर्चा में आया था.
इसी पर बीसीसीआई ने सभी टीमों के खिलाड़ियों के सोशल मीडिया व्यवहार और ऑफ-फील्ड आचरण को लेकर 7 पेज की गाइडलाइन जारी की थी. IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक खेल की भावना को ठेस पहुंचाने वाले व्यवहार पर मैच रेफरी या अनुशासन समिति कार्रवाई कर सकती है.