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IPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स को भारी पड़ी डेविड मिलर की यह गलती, आखिर में सोच रहे होंगे काश...

दिल्ली कैपिटल्स को इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में पहली हार मिली है. बुधवार, 8 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम पर गुजरात टाइटंस के हाथों उसे एक रन से हार का सामना करना पड़ा. आखिरी दो ओवरों में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए 36 रन चाहिए थे. मोहम्मद सिराज के ओवर में दिल्ली...

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - April 9, 2026 12:57 AM IST

दिल्ली कैपिटल्स को इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में पहली हार मिली है. बुधवार, 8 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम पर गुजरात टाइटंस के हाथों उसे एक रन से हार का सामना करना पड़ा. आखिरी दो ओवरों में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए 36 रन चाहिए थे. मोहम्मद सिराज के ओवर में दिल्ली कैपिटल्स ने 23 रन कूट दिए. अब आखिरी ओवर में जीत के लिए चाहिए थे 13 रन. डेविड मिलर की ताबड़तोड़ पारी से 10 गेंद पर दिल्ली की टीम 34 रन बना चुकी थी. 211 रन के लक्ष्य से वह अब ज्यादा दूर नहीं थी. लेकिन पांचवीं गेंद पर मिलर ने कुछ ऐसा किया जिसका मलाल उन्हें मैच खत्म होने के बाद हो रहा होगा. मिलर ने पांचवीं गेंद को ऑन साइड पर खेलना चाहा. वह गेंद को पूरी तरह टाइम नहीं कर पाए. कुलदीप यादव सिंगल के लिए दौड़े लेकिन मिलर ने खुद पर भरोसा करते हुए उन्हें वापस भेज दिया. लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की आखिरी गेंद को वह कनेक्ट नहीं कर पाए. और इस पर बाई पर रन दौड़ने के चक्कर में कुलदीप रन-आउट हो गए.

अगर… यह बहुत बड़ा सवाल है. अगर डेविड मिलर पांचवीं गेंद पर दौड़ लेते तो स्कोर टाई हो जाता. और यहां से दिल्ली कैपिटल्स की टीम मैच हार नहीं सकती थी. सुपर ओवर का मौका तब भी बना रहता अगर आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव कोई रन नहीं बनाते तो. लेकिन मिलर ने ऐसा नहीं किया. यह बड़ा सवाल है कि आखिर मिलर ने पांचवीं गेंद पर रन लेने से इनकार क्यों कर दिया. क्रिकेट का पहला नियम है जीत हासिल करना, और दूसरा किसी भी तरह हार को टालना. अगर आखिरी गेंद पर कुलदीप रन नहीं भी बना पाते तो भी दिल्ली की टीम मैच हारती तो नहीं.

प्रसिद्ध कृष्णा को इस ओवर में एक छक्का और चौका पड़ चुका था. लेकिन वह विकेट भी हासिल कर चुके थे. आखिरी गेंद पर उन्होंने खुद पर भरोसा रखा. गेंद की रफ्तार धीमी की. और उसे थोड़ा उछाल दिया. स्लो बॉल बाउंसर पर मिलर ने शॉट खेलना चाहा. लेकिन गेंद और बल्ले का मिलन नहीं हो पाया. गेंद विकेटकीपर जोस बटलर के पास गई. बटलर पहले से तैयार थे. ऐसी ही किसी परिस्थिति के लिए. दाहिने हाथ का दस्ताना उतारकर विकेटकीपिंग कर रहे बटलर को अंदाजा था कि आखिरी गेंदों पर ऐसा कुछ हो सकता है. यह प्लान का हिस्सा था. जिसमें मिलर और कुलदीप फंस गए. जब स्लो गेंद बटलर के पास गई तो उन्होंने बिना मौका गंवाए गेंद को अंडर-आर्म थ्रो किया. अंडर-आर्म थ्रो में रफ्तार कम हो सकती है लेकिन सटीकता की उम्मीद ज्यादा होती है और गेंद को ऊपर लेकर जाकर थ्रो करने का वक्त भी बचता है. वही चाहिए था. मिलर का थ्रो विकेटों पर जाकर लगा. कुलदीप ने छलांग लगाकर क्रीज को लांघना चाहा. लेकिन उससे पहले गेंद गिल्लियां और दिल्ली की उम्मीदों को बिखेर चुकी थी.

मिलर 41 रन बनाकर नाबाद रहे. 20 गेंदों का सामना किया और तीन चौके व तीन ही छक्के लगाए. लेकिन पविलियन लौटते हुए मिलर यह जरूर सोच रहे होंगे कि काश उन्होंने एक गेंद कम खेली होती. काश कि उन्होंने कुलदीप को वापस न लौटाया होता. या काश कि वह गेंद जिस पर कुलदीप आउट हुए वह वाइड होती जैसा कि उन्होंने रिव्यू लिया था. या काश कि वह उस गेंद को हिट कर देते. कई काश मिलर के साथ लौट रहे थे. और मैदान से बाहर आते दिल्ली कैपिटल्स के फैंस के जेहन में भी सबसे बड़ा सवाल यही होगा- मिलर आखिर पांचवीं गेंद पर दौड़े क्यों नहीं?

क्या रहा मैच में खास
दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का सामना किया. कप्तान शुभमन गिल (70), जोस बटलर (52) और वॉशिंगटन सुंदर (55) की पारियों के दम पर गुजरात ने 4 विकेट पर 210 रन बनाए. इसके जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 8 विकेट पर 209 रन ही बना सकी. केएल राहुल ने 92 और प्रथुम निसांका ने 41 रन बनाए.