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अरावली एक्सप्रेस : भाई का त्याग, कोरोना और कोच का निधन, फिर भी कायम 23 साल के पेसर का जलवा
नई दिल्ली: एक छोटा सा लड़का गेंद को तेजी से फेंकने का प्रयास सिर्फ इसलिए किया करता था, ताकि वह अपने बड़े भाई से बदला ले सके. बदला लेने की वह चाहत धीरे-धीरे जुनून में तब्दील हो गई. घर के आंगन से शुरू हुआ सफर आज आईपीएल 2026 के मंच पर पहुंच चुका है. 154.2...
Published On Apr 13, 2026, 09:51 PM IST
Last UpdatedApr 13, 2026, 09:51 PM IST
नई दिल्ली: एक छोटा सा लड़का गेंद को तेजी से फेंकने का प्रयास सिर्फ इसलिए किया करता था, ताकि वह अपने बड़े भाई से बदला ले सके. बदला लेने की वह चाहत धीरे-धीरे जुनून में तब्दील हो गई. घर के आंगन से शुरू हुआ सफर आज आईपीएल 2026 के मंच पर पहुंच चुका है. 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर यह गेंदबाज खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इस गेंदबाज का नाम है अशोक शर्मा.
तेज रफ्तार और बल्लेबाज घायल
अशोक की गेंदबाजी में शुरुआत से रफ्तार मौजूद थी, जिसके दम पर वह बल्लेबाजों के होश उड़ा दिया करते थे. स्कूल में अशोक जब गेंदबाजी करते थे, तो बल्लेबाज अपना विकेट नहीं, बल्कि शरीर को बचाने का प्रयास करते थे.
अशोक ने स्कूल में क्रिकेट खेलते हुए कई बल्लेबाजों को घायल किया. जयपुर के पास स्थित पारपुरा गांव में जन्मे अशोक को मानो गेंदबाजी में तेज रफ्तार भगवान ने तोहफे में दी है. हालांकि, क्रिकेटर बनने का यह सपना संघर्षों से भरा रहा. अशोक और उनके बड़े भाई अक्षय दोनों ही क्रिकेटर बनना चाहते थे. हालांकि, पिता की कमाई इतनी नहीं थी और परिवार दोनों बेटों के करियर को भी दांव पर लगाना नहीं चाहता था.
बड़े भाई ने दी अशोक के लिए कुर्बानी
अशोक के पिता नाथूलाल शर्मा खेत में काम करने के साथ ड्राइवर का भी काम करते थे. आमदनी बस इतनी थी कि घर का गुजारा हो जाता था. परिवार चाहता था कि अशोक पढ़ाई करें और सरकारी नौकरी लें. दोनों भाइयों की जिद के आगे पिता आखिरकार झुके, लेकिन एक शर्त भी रखी. शर्त यह थी कि अशोक और अक्षय में से कोई एक ही क्रिकेट की दुनिया में आगे कदम बढ़ाएगा, जबकि दूसरा नौकरी या कामकाज करेगा.
अक्षय ने छोटे भाई के लिए कुर्बानी देने का फैसला किया. उन्होंने अशोक को क्रिकेटर बनाने के लिए पढ़ाई छोड़ दी और काम करना शुरू कर दिया. अशोक ने भी भाई के त्याग को खाली नहीं जाने दिया और खुद को निखारने के लिए दिन-रात खूब मेहनत की.
मेहनत की और हॉस्टल में हो गए शिफ्ट
जयपुर की अरावली क्रिकेट एकेडमी में अशोक का दाखिला कराया गया, जहां वह पूर्व स्पिन गेंदबाज विवेक यादव की देखरेख में क्रिकेट की बारीकियां सीखने लगे. गांव से एकेडमी की दूरी को देखते हुए अशोक हॉस्टल में ही शिफ्ट हो गए. गेंदबाजी में लगातार मेहनत जारी रही और वह कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते चले गए. 2019 में अशोक को राजस्थान की अंडर-19 टीम में जगह मिली.
हालांकि, तेजी से आगे बढ़ रहे अशोक के शानदार करियर में अचानक से ठहराव आ गया. कोरोना की वजह से क्रिकेट पूरी तरह बंद हो गया. इसी मुश्किल समय में उनके कोच विवेक यादव का भी निधन हो गया. अशोक बुरी तरह से टूट गए. हालांकि, उन्होंने अपना हौसला बनाए रखा और कड़ी मेहनत जारी रखी. साल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अशोक को 55 लाख रुपए में खरीदा. उन्हें अपनी काबिलियत दिखाने का मौका नहीं मिला. इसके बाद 2025 में राजस्थान रॉयल्स ने भी उन पर भरोसा दिखाया और 30 लाख रुपए खर्च करते हुए अशोक को टीम से जोड़ा. इसी साल अशोक ने घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. 4 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में अशोक ने 14 विकेट चटकाए, तो उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में खेले 7 मुकाबलों में 13 विकेट निकाले.
आशीष नेहरा ने निखारा
अशोक की रफ्तार और बेहतरीन लाइन एंड लेंथ से प्रभावित होकर आईपीएल 2026 के लिए हुए ऑक्शन में गुजरात टाइटंस ने उन्हें 90 लाख की बोली लगाते हुए टीम में शामिल किया. आशीष नेहरा की देखरेख में आने से अशोक और निखरे. हालांकि, इस बार अशोक को अपने हुनर का प्रदर्शन करने का मौका आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस ने दिया. शुरुआती मुकाबलों में ही अशोक ने अपनी रफ्तार के दम पर दिखा दिया कि वह इन मौकों की तलाश कब से कर रहे थे.
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अशोक ने 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी और हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. अशोक अच्छी रफ्तार के साथ-साथ सटीक लाइन पर गेंदबाजी करना भी जानते हैं. उम्मीद बस यही है कि आशीष नेहरा की देखरेख में 23 साल का यह तेज गेंदबाज अभी और निखरेंगे और सिर्फ आईपीएल ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ेगा.
एजेंसी