हरभजन सिंह ने किया आईपीएल का समर्थन। © IANS
हरभजन सिंह ने किया आईपीएल का समर्थन। © IANS

लोढ़ा समिती और बीसीसीआई के बीच फंसे क्रिक्रेट के खेल के लिए आखिर एक खिलाड़ी को ही आवाज उठानी पड़ी। भारत के सबसे सफल स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने लोढ़ा समिती को बॉउंसर फेंका। हरभजन ने लोढ़ा समिती से कहा कि आईपीएल कोई तमाशा नहीं है। इसके जरिए कई युवा खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है। आईपीएल क्रिक्रेट में होने वाली कुछ बेहतरीन चीजों में से एक है। विश्व क्रिक्रेट पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हरभजन ने ये प्रतिक्रिया बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के उस बयान पर दी जिसमें उन्होंने कहा था कि लोढ़ा समिती की सिफारिशों को यदि माना जाए तो भारत या तो चैम्पियंस ट्रॉफी खेल सकेगा या आईपीएल।

आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी अगले साल जून में शुरू हो रही है। जिसे लेकर ठाकुर ने बयान दिया था कि “मै नहीं जानता कि भारत चैम्पियंस ट्रॉफी खेलेगा या नहीं। लोढ़ा समिती की सिफारिशों के अनुसार आईपीएल के पहले और बाद में कम से कम 15 दिन का ब्रेक खिलाड़ियों को दिया जाना चाहिए। आईपीएल से पहले ऑस्ट्रेलिया सीरीज है और उसके बाद चैम्पियंस ट्रॉफी। इसलिए बीसीसीआई को आईपीएल और चैम्पियंस ट्रॉफी में से किसी एक को चुनना होगा अगर समिती की सिफारिेशें लागू की जाती हैं। ये परेशानी केवल इसी बार की नहीं है समिती की सिफारिशें लागू हो जाने के बाद हर साल इस तरह की परेशानियों का सामना बोर्ड को करना पड़ेगा।

इसी बात पर एएनआई से बात करते हुए हरभजन ने कहा कि आईपीएल के साथ इस तरह का व्यवहार सही नहीं है। आईपीएल ने न जानें भारत और विश्व क्रिक्रेट को कितनी नई प्रतिभाएं दी हैं। आईपीएल के कारण ही हॉकी, फुटबॉलस और कबड्डी में भी इस तरह के लीग शुरू हो गए हैं जिससे इनकी प्रसिद्दी काफी बढ़ी है। ऐसे में आईपीएल पर इस तरह का अंकुश किस तरह जायज है।