FIFA World CUP: अपने मैच से एक दिन पहले अमेरिका में होगी ईरानी टीम की एंट्री, प्रदर्शन पर दिखेगा असर
ईरान टीम फीफा वर्ल्ड कप के लिए मेक्सिको में ट्रेनिंग कर रही है. टीम की ट्रेनिंग के बीच उनके वर्ल्ड कप में अमेरिका जाने को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है.
Published On Jun 10, 2026, 11:40 AM IST
Last UpdatedJun 10, 2026, 11:40 AM IST
Iran Team in FIFA World Cup: फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत से ठीक पहले ईरानी टीम को लेकर थोड़ी राहतभरी खबर सामने आई है. ईरान की नेशनल फुटबॉल टीम अब अपने हर मैच के एक दिन पहले अमेरिका जा सकेगी. इसे लेकर टीम को इजाजत दे दी गई है. इसकी पुष्टि मंगलवार को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने कर दी है. इसके साथ ही डीएचएस ने उन तमाम खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि टीम को मैच के दिनों में ही देश में आना-जाना होगा.
ईरान को लेकर चल रही सभी खबरें हुई खारिज
यह सफाई उन खबरों के बाद दी गई है, जिनमें मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफजल पसंदीदेह के हवाले से कहा गया था कि टीम को मैच वाले दिन ही अमेरिका में आना और जाना होगा. इससे यात्रा और टीम के प्रदर्शन पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता पैदा हो गई थी.
डीएचएस के प्रवक्ता ने कहा, “ऐसा नहीं है कि ईरान को मैच वाले दिन ही आने के लिए मजबूर किया जाएगा. ये बातें गलत हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उदारता की वजह से, ईरानी टीम अपने मुकाबलों से एक दिन पहले आ सकेगी.”
मेक्सिको में ट्रेनिंग कर रही ईरानी टीम
फिलहाल ईरान की टीम मेक्सिको के तिजुआना में ट्रेनिंग कर रही है. कई हफ्तों की अनिश्चितता के बाद, प्रतियोगिता शुरू होने से 10 दिन पहले शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी टीम के सभी सदस्यों को वीजा दे दिया.
हालांकि, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कई अधिकारियों को एंट्री नहीं मिली, जिन्हें उनकी फुटबॉल फेडरेशन ने मुख्य मैनेजर और एडमिनिस्ट्रेटिव सदस्य बताया था. मेक्सिको में ईरानी दूतावास के अनुसार, जिन लोगों को एंट्री नहीं मिली, उनमें टीम मैनेजर, दो टीम एनालिस्ट, मीडिया डायरेक्टर और विदेश मंत्रालय का एक प्रतिनिधि शामिल हैं.
15 जून को पहला मुकाबला खेलेगी ईरान
ईरान अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगा. इसके बाद 21 जून को लॉस एंजिल्स में बेल्जियम के साथ मैच होगा. 26 जून को यह टीम सिएटल में मिस्र के खिलाफ खेलेगी.
शुरुआत में ईरान का ट्रेनिंग कैंप एरिजोना में होना था, लेकिन उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया, क्योंकि कुछ लोगों का कहना था कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान के खिलाफ युद्ध की घोषणा के बाद वहां रहना सुरक्षित नहीं था. राष्ट्रपति ट्रंप ने मार्च में घोषणा की थी कि टूर्नामेंट में ईरान का स्वागत किया जाएगा, लेकिन यह भी कहा था कि मैचों के बीच खिलाड़ियों का अमेरिका में रुकना सही नहीं होगा.