साल 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम को युवा लेफ्टआर्म स्विंग बॉलर के रूप में एक नायाब खिलाड़ी मिला था. तब 19 वर्षीय इस युवा तेज गेंदबाज को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली थी. यह थे भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाज इरफान पठान (Irfan Pathan). लेकिन तब पठान को मौका मिलना इतना आसान नहीं था क्योंकि तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) उन्हें टीम में खिलाना नहीं चाहते थे. हाल ही में खुद इरफान पठान ने इस आप बीती का खुलासा किया है.

पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान अब इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. इन दिनों वह बतौर क्रिकेट एक्सपर्ट स्टार स्पोर्ट्स के साथ कॉमेंट्री कर रहे हैं. भारतीय टीम इन दिनों साउथम्पटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेल रही है. पठान इस मैच के दौरान प्रसारणकर्ता चैनल ‘स्टार स्पोर्ट्स’ पर मैच के तीसरे दिन टी ब्रैक के दौरान बताया.

वैसे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को युवा प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें भरपूर मौका दिया जाने के लिए जाना जाता है. लेकिन पठान ने अपने अनुभव पर बता करते हुए कहा,

पठान ने कहा, ‘तब भारतीय कप्तान मेरे पास आए और उन्होंने मुझे कहा- ‘मैं तुम्हें टीम में नहीं चाहता हूं.’ पठान ने आगे बताया, ‘दादा सोच रहे थे कि मैं तब 19 साल का था और ऑस्ट्रेलिया में खेलने के लिहाज से मैं कुछ ज्यादा ही छोटा हूं और अपनी पहले ही मैच में मैं अगर ऑस्ट्रेलिया में खेला तो यह मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण होगा.’

हालांकि जब इरफान को आखिरकार इस दौरे पर मौका मिल ही गया तो इस दौरे के बाद उन्हें भारतीय टीम की खोज माना जाने लगा था. उन्होंने यहां इस दौरे पर तब दो टेस्ट खेले थे, जिनमें उनके नाम 4 विकेट थे और सिडनी में उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए थे. पठान के आगे कहा कि इसके बाद कप्तान खुद मेरे पास आए और उन्होंने अपनी गलती मानी.

पठान ने कहा, ‘जब बाद में दादा मेरे पास आए और उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारे बारे में गलत था. इससे मैं हैरान रह गया. क्योंकि एक कप्तान अपने चयन और अपनी गलती के बारे में बात करे यह बहुत ही कम देखने को मिलता है.’ इसके बाद इरफान पठान ने अपने टेस्ट करियर में कुल 29 टेस्ट मैच खेले और 100 विकेट अपने नाम किए. उन्होंने इस दौरान अपने बल्ले से 1105 रन का भी योगदान दिया. पठान ने साल 2006 में कराची टेस्ट के पहले ही ओवर में हैटट्रिक लेने का कारनामा भी अपने नाम किया.