भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) और उनके बड़े भाई यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) ने हाल में कोविड-19 (Covid-19) महामारी का सामना करने के लिए मानवीय आधार पर 4000 मास्क दान किए थे. बाहर निकले के बजाए लोगों से अपने घरों में रहने और घर पर नमाज पढ़ने की अपील कर चुके अब इस बाएं हाथ के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने अपने फैंस से एक विशेष आग्रह किया है.

सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को आखिर क्यों इस संगीत से हुआ मोह भंग, जानिए वजह

इरफान का कहना है कि रमजान के पवित्र महीने में लोग गरीबों और विधवाओं की मदद कर अपनी ऋण अदा कर सकते हैं. कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भारत में इस समय लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. इरफान ने लॉकडाउन में लोगों से जरूरतमंदों की सहायता करने का आग्रह किया है. बकौल पठान, ‘ये राशि उनके लिए बड़ी है.’ इस्लाम धर्म में रमजान माह को पवित्र माना जाता है और इसका काफी महत्त्व भी है. इस दौरान पूरे एक महीने तक मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते हैं.

रमजान 23 अप्रैल से शुरू होगा जो एक महीने तक चलेगा. पठान ने सोशल मीडिया टिवटर पर एक मैसेज के जरिए अपील की है. उनका कहना है कि यदि आप इनकी मदद करने में सक्षम नहीं हैं तो इस मैसेज को शेयर कर अन्य तक अन्य लोगों तक पहुंचाएं.

चहल ने उठाया विकेट, हरियाणवी में बोले- “कौन-कौन घर ते बाहर जाण की सोचरेया से…”

इरफान ने डॉक्टरों पर हमले की जमकर आलोचना की थी

साल 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में 3 विकेट झटककर प्लेयर ऑफ द मैच बने इरफान ने कुछ दिन पहले ही कोविड-19 की जांच के लिए गए डॉक्टरों पर हमले की आलोचना की थी.

 

View this post on Instagram

 

Humanity above all #love #peace #knowledge

A post shared by Irfan Pathan (@irfanpathan_official) on Apr 16, 2020 at 5:54am PDT

इरफान ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर कहा था, ‘जब से दुनिया बनी है, तब से धर्म के नाम पर धंधा हो रहा है. पर अफसोस की बात ये है कि अब तो समझदार भी अंधा हो रहा है. कुछ ही लोगों ने बनाया था धर्म को धंधा, अब तो ये धंधा भी गंदा हो रहा है. लड़ोगे तुम, फायदा उठाएगा कोई और. सुधर जाओ इंसानो, अब तो वक्त तुम्हारे पास कम हो रहा है.’

गौरतलब है कि इरफान ने हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था. अब वह कोच की भूमिका निभा रहे हैं.