- क्रिकेट न्यूज़
- News
- Irreplaceable loss Cricket fraternity pays tribute to Sir Garfield Sobers
गैरी सोबर्स के निधन पर शोक में डूबा क्रिकेट जगत, गांगुली- शास्त्री सहित दिग्गज क्रिकेटर्स ने दी श्रद्धांजलि
गैरी सोबर्स ने 1965 से 1972 के बीच 39 टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की कप्तानी की. उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया और इसके एक वर्ष बाद किंग्सटन में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था.
Published On Jul 17, 2026, 10:41 PM IST
Last UpdatedJul 17, 2026, 10:41 PM IST
Garry Sobers death
क्रिकेट जगत ने शुक्रवार को सर गारफील्ड सोबर्स के निधन के साथ अपने सबसे प्रतिष्ठित और महानतम सितारों में से एक को खो दिया. वेस्टइंडीज के इस बेजोड़ दिग्गज की अद्वितीय ऑलराउंड क्षमता, शानदार कौशल और खेल पर असाधारण प्रभाव ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में स्थान दिलाया. वह 89 वर्ष के थे और उनके निधन के साथ ऐसी विरासत का अंत हुआ जो कई पीढ़ियों तक प्रेरणा देती रहेगी.
खेल के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक सोबर्स ने मार्च 1954 से अप्रैल 1974 के बीच 93 टेस्ट मैच खेले और 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे. उनके निधन पर क्रिकेट वेस्टइंडीज, आईसीसी बीसीसीआई सहित दुनिया के दिग्गज क्रिकेटर्स ने शोक जताया है.
सर गारफील्ड सोबर्स हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे: क्रिकेट वेस्टइंडीज
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एक महान पारी का अंत हो गया. सर गारफील्ड सोबर्स अब और हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे.
‘हाल आफ फेमर’ को विदाई: आईसीसी
आईसीसी ने लिखा, महानतम क्रिकेटरों में से एक , सर गारफील्ड सोबर्स का निधन. उनके परिवार, दोस्तों और वेस्टइंडीज क्रिकेट के प्रति हमारी संवेदना, आईसीसी ‘हाल आफ फेमर’ को विदाई.
क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में से एक थे सोबर्स: बीसीसीआई
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि सोबर्स ऐसी ‘अमर विरासत’ छोड़ गए हैं जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. बीसीसीआई ने लिखा, बीसीसीआई सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त करता है, वह खेल के सच्चे प्रतीक और क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में से एक थे. बीसीसीआई ने कहा कि उनकी असाधारण उपलब्धियां, कैरेबियाई क्रिकेट पर उनका स्थायी प्रभाव और वैश्विक खेल में उनका अतुलनीय योगदान ऐसी विरासत है जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
नॉटिंघमशर ने भी जताया शोक
नॉटिंघमशर ने अपने बयान में कहा, ‘‘नॉटिंघमशर को सर गारफील्ड सोबर्स के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ. क्लब ने कहा, काउंटी चैंपियनशिप में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने के नियमों में ढील दिए जाने के कुछ समय बाद ही ट्रेंट ब्रिज पहुंचे सोबर्स को तुरंत कप्तान बना दिया गया और उन्होंने इंग्लिश घरेलू क्रिकेट के अपने पहले ही सत्र में नॉटिंघमशर को 15वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंचा दिया. क्लब ने कहा, वह सत्र तब खत्म हुआ जब सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ही ओवर की छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने, उन्होंने स्वानसी में ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह कारनामा किया था.
क्रिकेट जगत की अपूरणीय क्षति: सौरव गांगुली
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा, क्रिकेट जगत की अपूरणीय क्षति, उस पीढी में उनका कौशल देखकर कई क्रिकेटर अपनी प्रतिभा का आकलन करते थे, नायाब खिलाड़ियों में से एक, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.
मेरे जीवन के सबसे महान क्रिकेटर: रवि शास्त्री
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रवि शास्त्री ने लिखा, मेरे जीवन के सबसे महान क्रिकेटर, बस उस दौर और योगदान को देख रहा हूं जिसका कोई सानी नहीं है, मेरे हीरो, ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे सर गैरी.
क्रिकेट जगत के लिये यह दुखद दिन: दिलीप वेंगसरकर
पूर्व भारतीय खिलाड़ी दिलीप वेंगसरकर ने लिखा, मैने उन्हें कभी खेलते नहीं देखा लेकिन उनके बारे में कई कहानियां सुनी हैं, उनकी बल्लेबाजी की क्लिप्स देखी हैं और 1971 में उनकी बल्लेबाजी पर रिकॉर्ड की गई फिल्म देखी है, उनके टेस्ट रिकॉर्ड अद्भुत हैं, महानतम हरफनमौला, क्रिकेट जगत के लिये यह दुखद दिन है.
क्रिकेट जगत ने अपने नायाब नगीनों में से एक को खो दिया: हरभजन
हरभजन सिंह ने कहा, क्रिकेट जगत ने अपने नायाब नगीनों में से एक को खो दिया, सर गैरी सोबर्स एक लीजैंड से कहीं अधिक थे, वह महानता की परिभाषा थे जिन्होंने असाधारण कौशल और विनम्रता से कई पीढियों को प्रभावित किया, आप दुनिया भर के क्रिकेटप्रेमियों के दिलों में हमेशा अमर रहेंगे, आपको कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.
हर पीढ़ी के महानायक: वैभव सूर्यवंशी
भारत की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने कहा, कभी सर गैरी सोबर्स को खेलते नहीं देखा लेकिन उनकी महानता के किस्से अपने पिता से सुनकर बड़ा हुआ हूं, हर पीढ़ी के महानायक, ओम शांति.