वेस्टइंडीज के खिलाफ जमैका टेस्ट मैच के दूसरा दिन भारतीय टीम के पक्ष में रहा। हनुमा विहारी के पहले टेस्ट शतक की मदद से टीम इंडिया ने पहली पारी में 416 रन बनाए और फिर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की पहले टेस्ट हैट्रिक और शानदार 6 विकेट हॉल के दम पर स्टंप्स तक 87 रन के स्कोर पर वेस्टइंडीज के सात विकेट गिरा दिए। इस दौरान भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने भी अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक बनाया।

इशांत ने 80 गेंदो पर 57 रनों की पारी खेली और विहारी के साथ शतकीय साझेदारी बनाई। इस दौरान इशांत ने एक मंझे हुए खिलाड़ी की तरह बल्लेबाजी की। विहारी का भी कहना है कि मैच के दूसरे दिन इशांत उनसे भी बेहतर बल्लेबाजी कर रहे थे।

दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विहारी ने कहा, “मैं कल रात से 42 रन पर नाबाद था। मैं ठीक से सोया नहीं। मैं केवल अगले दिन बड़ा स्कोर बनाने की सोच रहा था। खुशी है कि मैं शतक बना पाया और इसका श्रेय इशांत को जाना चाहिए।”

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विहारी ने कहा, “मुझसे ज्यादा वो बल्लेबाज की तरह दिख रहा था। जिस तरह वो खेलता गया, हम लगातार बात करते रहे कि गेंदबाज क्या कर रहा है और उसके अनुभव ने मुझे काफी मदद की।”

विहारी ने विंडीज गेंदबाजों की भी काफी तारीफ की। उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि वो पहले सेशन में कड़ी मेहनत करेंगे, क्योंकि वो, हमें आउट करने का उनका सबसे अच्छा मौका था। उन्हें शुरुआती विकेट मिला (रिषभ पंत) लेकिन मैं सिर्फ धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी करना चाहता था।”

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दूसरे दिन 6 विकेट हासिल कर वेस्टइंडीज बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ने वाले बुमराह के बारे में विहारी ने कहा, “हमने शानदार गेंदबाजी की और बुमराह कुछ अलग ही था। हमें उन्हें जल्दी से जल्दी आउट करना था। कोई भी विपक्षी टीम कहेगी कि वो बुमराह से डरते हैं। हमें उसे गेंदबाजी करते देखना पसंद करते हैं और मुझे पता है कि उसके सामने बहुत लंबा करियर पड़ा है।”