जब ईशांत शर्मा की गेंदबाजी के सामने बेबस हो गए थे रिकी पॉन्टिंग

ईशांत ने एक टीवी शो के दौरान 2008 के पर्थ टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलियन कप्तान को डाले घातक स्पेल को याद किया।

Edited By : Gunjan Tripathi |Jul 17, 2017, 09:59 AM IST

Published On Jul 17, 2017, 09:59 AM IST

Last UpdatedJul 17, 2017, 09:59 AM IST

रिकी पॉन्टिंग को गेंदबाजी कराते ईशांत शर्मा © Getty Images
रिकी पॉन्टिंग को गेंदबाजी कराते ईशांत शर्मा © Getty Images

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने 2007 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही उन्होंने घरेलू और विदेशी जमीन पर अपनी घातक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर ईशांत का शानदार सात विकेट हॉल शायद ही कोई भूल सकता हो लेकिन उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कई और बेहतरीन स्पेल डाले हैं। इन्हीं में से एक है 2008 पर्थ टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग के खिलाफ डाला हुआ उनका स्पेल। हाल ही में एक टीवी शो ‘वाट द डक’ के दौरान ईशांत ने अपने इस करामाती स्पेल को याद किया।

पर्थ टेस्ट के चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया 413 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और क्रीज पर रिकी पॉन्टिंग और माइकल हसी मौजूद थे। ईशांत लगातार आठ ओवर डाल चुके थे इसलिए कप्तान अनिल कुंबले को लगा कि वह थक गए होंगे। हालांकि वह ये भी जानते थे कि पॉन्टिंग को ईशांत को खेलने में परेशानी हो रही थी और वह पहली पारी में भी पॉन्टिंग को आउट कर चुके थे। ऐसे में वीरेंदर सहवाग ने कुंबले से कहा कि वह ईशांत को एक और ओवर दें। सहवाग ईशांत को रणजी ट्रॉफी के समय से जानते थे और उन्हें ये भी पता था कि ईशांत इससे भी लंबे स्पेल डाल सकते हैं। [ये भी पढ़ें: वनडे रैंकिंग में नंबर एक बनने के करीब हैं मिताली राज]

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ईशांत ने इस बारे में कहा, “मैं आठ ओवर डाल चुका था इसलिए कुंबले को लगा कि कहीं मैं चोटिल ना हो जाऊं क्योंकि फिर टीम में कोई बैकअप गेंदबाज भी नहीं था। लेकिन वीरू भाई ने कहा कि वह इस तरह गेंदबाजी करने का आदी है, इसलिए उसे गेंदबाजी करने दो।” ईशांत ने ये भी बताया कि किस तरह वीरू ने पॉन्टिंग के खिलाफ गेंदबाजी करने में उनकी मदद की। उन्होंने कहा, “सहवाग ने मुझसे कहा कि कुछ नया करने की कोशिश ना करो। जो कर रहे हो करते रहो। कोई बाउंसर, कुछ नहीं। जो बोल रहे हो बोलते रहो लेकिन गेंदबाजी में प्रयोग मत करना।” [ये भी पढ़ें: महिला विश्व कप 2017: सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद मिताली राज ने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की]

सहवाग की बात मानकर ईशांत एक जैसी गेंद डालते रहे और लगातार बीट होने के बाद आखिरकार पॉन्टिंग 34वें ओवर की पहली गेंद पर कैच आउट हो गए। गौरतलब है कि पहली पारी में भी पॉन्टिंग इसी तरह उछाल से मात खाकर कैच आउट हुए थे, फर्क केवल इतना था कि इस बार कैच विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी की बजाय स्लिप पर खड़े राहुल द्रविड़ की तरफ गया। साल 2008 में ईशांत ने पॉन्टिंग को सबसे ज्यादा पांच बार आउट किया था। जिसमें से दो बार वह स्लिप पर द्रविड़ के हाथों कैच आउट हुए थे।

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