भारत के पहले डे-नाइट टेस्ट में भी टीम के तेज गेंदबाजों का जलवा कायम रहा। इशांत शर्मा (Ishant Sharma), मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) और उमेश यादव (Umesh Yadav) ने गुलाबी गेंद से भी वैसी ही घातक गेंदबाजी जैसी वो लाल गेंद से करते आए हैं। हालांकि गेंद को उतनी स्विंग नहीं मिली जितनी की उम्मीद की जा रही थी लेकिन सही लेंथ पर गेंदबाजी कर इशांत ने अपने टेस्ट करियर का दसवां पांच विकेट हॉल दर्ज किया।

गुलाबी गेंद से गेंदबाजी के अनुभव के बारे में इशांत ने कहा, ‘‘लाल गेंद की तुलना में ये काफी अलग है। शुरू में हमने सही लेंथ से गेंदबाजी की लेकिन हमें किसी तरह की स्विंग नहीं मिली। इसके बाद हमें एहसास हुआ कि किस लेंथ पर हमें गेंद करनी चाहिए। हमने आपस में बात की और गुलाबी गेंद के लिए सही लेंथ हासिल की।’’

पिछले एक दशक से भी अधिक समय से भारतीय टीम का हिस्सा रहे इशांत को घरेलू सरजमीं पर पारी में पांच विकेट लेने के लिए 12 साल का इंतजार करना पड़ा। इशांत ने कहा, ‘‘मैं अभी अपनी क्रिकेट का लुत्फ उठा रहा हूं। शुरू में मैं अपने प्रदर्शन, विकेट लेने और बल्लेबाज को परेशानी में डालने को लेकर काफी दबाव में रहता था। अब मैं ज्यादा नहीं सोचता। निश्चित तौर पर अब मेरे पास अनुभव है और मैं परिस्थितियों के अनुसार अपनी लेंथ को लेकर जल्द से जल्द सामंजस्य बिठा लेता हूं।’’

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टेस्ट टीम के प्रमुख गेंदबाज इशांत साल 2016 से वनडे टीम से बाहर हैं, जिसका उन्हें बुरा लगता है लेकिन वो ज्यादा परेशान नहीं होते। इस बारे में इशांत ने कहा, ‘‘हां इससे कभी कभी बुरा लगता है लेकिन मैं जिंदगी के उस मोड़ पर पहुंच गया हूं जहां मैंने इन चीजों को लेकर चिंता करनी छोड़ दी है। मैं अब 31 साल का हूं और अगर मैं किसी फॉर्मेट में खेलने को लेकर चिंता करता हूं तो फिर मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाऊंगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं केवल खेलना चाहता हूं, चाहे वो रणजी ट्रॉफी हो या राष्ट्रीय टीम। अगर आप खेल का लुत्फ उठाते हो तो आप अच्छा प्रदर्शन भी करोगे। अगर आप छोटी छोटी बातों पर ध्यान देते हो तो कभी सुधार नहीं कर सकते हो।’’