पाकिस्तानी टीम को 21.5 करोड़ रु. नकद पुरस्कार पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पीएम सचिवालय से जवाब मांगा

Edited By : Anoop Dev Singh |Jul 06, 2017, 01:07 PM IST

Published On Jul 06, 2017, 01:07 PM IST

Last UpdatedJul 06, 2017, 01:07 PM IST

पाकिस्तानी टीम © Getty Images
पाकिस्तानी टीम © Getty Images

चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में टीम इंडिया को हराकर पहली बार टूर्नामेंट जीतने वाली पाकिस्तानी टीम को 21.5 करोड़ रु. नकद पुरस्कार पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सवाल खड़े कर दिए हैं। वकील तारिक असद की याचिका पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री सचिवालय से जवाब मांग लिया है कि आखिर किस अधिकार के तहत नवाज शरीफ सरकार ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को इनाम देने का ऐलान किया।

टीम इंडिया को फाइनल में हराने वाली पाकिस्तानी टीम के लिए नवाज शरीफ सरकार ने पुरस्कारों और इनाम का ऐलान किया था।। पाकिस्तानी सरकार ने पाकिस्तान टीम को कुल 21.5 करोड़ रु. नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी। सरकार की तरफ से पाक टीम के 15 सदस्यों को 1 करोड़ और 13 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ को 50 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई।

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पाकिस्तानी अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस आमेर फारुक ने प्रधानमंत्री सचिवालय से पूछा है कि वो कोर्ट को उस कानून के बारे में बताए जो प्रधानमंत्री को नकद पुरस्कार घोषित करने की ताकत देता है। याचिका दायर करने वाले एक वकील के मुताबिक जीत के लिए सरकार टीम और सपोर्ट स्टाफ को कुल 21.5 करोड़ रुपये बतौर इनाम दे रही है। ये भी पढ़ें: जीत का ‘चौका’ लगाने के बाद कप्तान मिताली राज का बड़ा बयान

याचिकाकर्ता ने अहमदपूर्व ईस्ट के भावलपुर टैंकर विस्फोट हादसे का हवाला देते हुए कहा, इस घटना में 200 लोग मारे गए थे। घटनास्थल के आसपास ऐसा कोई अस्पताल नहीं था जहां बर्न यूनिट हो। जब पीएम से इस एरिया के अस्पताल में बर्न यूनिट की स्थापना की मांग की गई तो पीएम ने यह कहकर मांग को नकार दिया था कि इसके लिए सरकारी खजाने पर बहुत बोझ पड़ेगा। यह काम बेदद खर्चीला है।

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