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- It felt like playing in Ranji Trophy Shivam Dube on his batting woes on NY pitches
T20 World Cup: शिवम दुबे ने न्यूयॉर्क की पिच की तुलना रणजी ट्रॉफी से क्यों की?
न्यूयॉर्क। भारत में सपाट पिचों पर बल्लेबाजी करने के आदी हरफनमौला शिवम दुबे ने स्वीकार किया कि यहां T20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान दो गति वाली पिचों से सामंजस्य बैठाने में उन्हें काफी परेशानी हुई. दुबे ने कहा कि इन पिचों से उन्हें ऐसा लग रहा था कि वह रणजी ट्रॉफी खेल खेल रहे...
Published On Jun 13, 2024, 01:21 PM IST
Last UpdatedJun 13, 2024, 01:21 PM IST
PIC- BCCI
न्यूयॉर्क। भारत में सपाट पिचों पर बल्लेबाजी करने के आदी हरफनमौला शिवम दुबे ने स्वीकार किया कि यहां T20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान दो गति वाली पिचों से सामंजस्य बैठाने में उन्हें काफी परेशानी हुई. दुबे ने कहा कि इन पिचों से उन्हें ऐसा लग रहा था कि वह रणजी ट्रॉफी खेल खेल रहे हों. चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने बुधवार को अमेरिका के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप के मैच मुश्किल हालात में 35 गेंद में 31 रन की नाबाद पारी खेल भारत की सात विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई.
इस जीत के साथ ही भारत ने सुपर आठ में अपनी जगह पक्की कर ली. दुबे ने यहां नासाउ काउंटी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयरलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ अपनी लगातार विफलताओं के बारे में कहा, ‘‘मैं फॉर्म से जूझ रहा था और प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रहा था.’’
शिवम दुबे ने दबाव से किया इनकार
उन्होंने कहा, ‘‘मुझ पर कोई दबाव नहीं था. सभी सहयोगी स्टाफ और कोच ने मेरा समर्थन किया और मुझसे कहा, ‘यह मुश्किल है, लेकिन तुम्हारे पास छक्के मारने की क्षमता है, इसलिए कोशिश जारी रखो’.’’ दुबे ने कहा, ‘‘मैंने अतीत में जो किया है उस लेकर कभी खुद पर संदेह नहीं किया है. मैं बस यही सोचता हूं कि ये परिस्थितियां उस चीज की मांग नहीं करतीं जो मैंने सीएसके के लिए किया था. इन परिस्थितियों में एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, इसलिए मैं आज अलग तरह से बल्लेबाजी कर रहा था.’’
दुबे को रिजर्व में मौजूद एक अन्य पावर-हिटर रिंकू सिंह से पहले अपने चयन को सही साबित करने के लिए अब भी एक लंबा रास्ता तय करना है. दुबे वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने के बाद IPL में पांच पारियों में सिर्फ 36 रन ही बना सके थे. उनकी मुश्किलें वर्ल्ड कप में भी जारी रहीं, जहां वह बुधवार को अंतत: संयमित पारी खेलने से पहले तीन मैचों में (बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में 14, आयरलैंड के खिलाफ शून्य और पाकिस्तान के खिलाफ तीन रन) विफल रहे थे.
जीत के लिए 111 रन के छोटे लेकिन मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए, भारत 44 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में था. दुबे को भी मुश्किल का सामना करना पड़ा और शुरूआती कुछ गेंदों में उनकी टाइमिंग अच्छी नहीं थी. उन्होंने अपना खाता खोलने के लिए 6 गेंदें लीं. वह 15 गेंदों में नौ रन बनाने के बाद 5वें ओवर में कोरी एंडरसन की गेंद पर 87 मीटर लंबा छक्का लगाने में सफल रहे.
रणजी ट्रॉफी की आई याद
दुबे ने छक्के के इंतजार के बारे में मजाक करते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगा जैसे रणजी ट्रॉफी खेल रहा हूं. मैं सफेद गेंद प्रारूप के बारे में नहीं सोच रहा था.’’ बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ पस्थितियां तय करती हैं कि आप यहां कैसे खेलना चाहते हैं. आपको छक्का मारने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट चुनना होगा. मैं उस मौके का इंतजार कर रहा था.’’ उन्होंने स्वीकार किया, ‘‘ इस पिच पर पहली गेंद से बड़ा शॉट मारना आसान नहीं है. आपको अपना समय लेना होगा.’’