ललित मोदी ने कहा, 'IPL मैंने ही बनाया, यही सच है, आज कॉमेंटेटर्स को मेरा नाम भी नहीं लेने देते'
ललित मोदी ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग उन्हो्ंने ही बनाया है। हालांकि वह इस बात से नाराज हैं कि उनका नाम भी कॉमेंटेटर्स को नहीं लेने देते।
Published On Jun 14, 2022, 04:44 PM IST
Last UpdatedJun 14, 2022, 04:44 PM IST
नई दिल्ली: अगले पांच साल के लिए बीसीसीआई के प्रसारण अधिकार को लेकर सस्पेंस अभी तक कायम है। हालांकि इसकी कीमत 45 हजार करोड़ रुपये से अधइक पहुंच चुकी है। यह बीते चरण के लिए मिली रकम से काफी अधिक है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने साल 2017-2022 के चरण के लिए प्रसारण अधिकार 16347.5 करोड़ रुपये में भेजे थे। ताजा आंकड़े की मानें तो बोर्ड को करीब मैच से करीब 107.5 करोड़ रुपये की कमाई होगी।
इस बीच, आईपीएल के पहले चेयरमैन ललित मोदी ने इस टी20 लीग के इतने बड़े बनने पर प्रतिक्रिया दी है। एक ट्विटर यूजर ने ललित मोदी को आईपीएल के लिए शुक्रिया अदा किया, इस पर जवाब देते हुए ललित मोदी ने कहा कि बीसीसीआई 15 साल पहले उनकी बोई हुई फसल को काट रही है। ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर निशाना साधते हुए दावा कि उन्होंने कॉमेंटेटर्स को उनका नाम तक लेने के लिए मना कर रखा है। उन्होंने कहा कि इस बड़ी लीग को लॉन्च करने में अहम भूमिका निभाने के बावजूद उनका नाम नहीं लिया जाता, लेकिन इससे उन्हें खास फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘उन्होंने कॉमेंट्री के दौरान मेरा नाम लेने तक पर बैन लगा रखा है। उन्हें इस बात का डर है क्योंकि इसे स्थापित करने में उन्होंने कोई भूमिका नहीं निभाई। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये छोटे दिल के लोग हैं। खराब मानसिकता वाले। लेकिन इससे यह तथ्य नहीं बदल जाता कि इसे (आईपीएल) मैंने तैयार किया। यह मेरे लिए काफी है।’
They even banned my name – no commentary allowed to even bring it up. This is the fear they have as they did nothing to establish it. But reap the money. It does not bother me. Small minded. Crab mentality. But they can’t take away the fact I created it. That’s enough for me 🤗👍🏻 https://t.co/G0RB3NAhbr
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi) June 14, 2022
इस बीच खबर तो यह भी है कि स्टार स्पोर्ट्स ने टीवी के प्रसारण अधिकार 23575 करोड़ रुपये में खरीदे हैं वहीं डिजिटल प्रसारण अधिकार के लिए वायकॉम18 ने 20500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।