it is getting a little bit dangerous adam gilchrist on ipl franchises buying teams in uae

ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंडियन प्रीमियर (आईपीएल) फ्रैंचाइजी के बढ़ते दखल पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि क्रिकेट में जो आजकल एकाधिकार का जो दौर चल रहा है वह काफी खतरनाक है। गिलक्रिस्ट का यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें यह कहा जा रहा है कि डेविड वॉर्नर बिग बैश के इस सीजन में नहीं खेलेंगे। बिग बैश को इस सीजन नए रूप में पेश किया जा रहा है।

इससे पहले कहा जा रहा था कि वॉर्नर यूएई टी20 लीग में खेलने के लिए बीबीएल से अपना नाम वापस ले सकते हैं। यह यूएई टी20 लीग का पहला सीजन होगा। यह जनवरी में खेला जाएगा और बीबीएल से इसकी तारीखें टकरा रही हैं। यूएई टी20 लीग में आईपीएल की तीन टीमों- मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स- ने निवेश किया है।

गिलक्रिस्ट ने एसईएन के रेडियो कार्यक्रम में कहा, ‘वह डेविड वॉर्नर को बीबीएल में खेलने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। मैं इस बात को समझता हूं। केवल वॉर्नर ही नहीं अन्य खिलाड़ी भी इसमें शामिल होंगे। यह आईपीएल फ्रेंचाइजी का वैश्विक स्तर पर बढ़ता दबदबा है जिनके पास कैरेबियाई प्रीमियर लीग में कई टीमों का स्वामित्व है।’

उन्होंने कहा, ‘यह थोड़ा खतरनाक चलन है क्योंकि यह उस स्वामित्व और खिलाड़ियों के स्वामित्व और उनकी प्रतिभा पर एकाधिकार करने से जुड़ा है। यह इससे जुड़ा है कि वे कहां खेल सकते हैं और कहां नहीं खेल सकते हैं।’

गिलक्रिस्ट ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड को सलाह दी कि वह इस मसले पर गौर करे क्योंकि भविष्य में कई अन्य क्रिकेटर भी वॉर्नर की राह पर चल सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘अगर गिलक्रिस्ट कहता है, सॉरी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट, मैं विभिन्न टूर्नामेंटों में अपनी भारतीय फ्रेंचाइजी टीमों के लिये खेलने जा रहा हूं तो आप उससे सवाल नहीं कर सकते, यह उसका विशेषाधिकार है।’

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 96 टेस्ट और 287 वनडे मैच खेलने वाले गिलक्रिस्ट इससे पहले डेक्कन चार्जर्स और किंग्स इलेवन पंजाब जैसी आईपीएल टीमों की तरफ से खेल चुके हैं। डेक्कन चार्जर्स ने 2009 में जब आईपीएल खिताब जीता था तब गिलक्रिस्ट उसके कप्तान थे।