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'ग्रोवेल' शब्द पर शुक्री कॉनरैड ने मानी गलती, ODI सीरीज के बाद RO-KO की जमकर तारीफ

कॉनरैड ने कहा कि अब से वह पब्लिक में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों पर ध्यान देंगे, अब मैं यहां जो भी शब्द इस्तेमाल करूंगा, उस पर ध्यान रखूंगा

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - December 7, 2025 10:37 AM IST

भारत और साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज के दौरान साउथ अफ्रीका के हेड कोच शुक्री कॉनरैड ने ‘ग्रोवेल’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे लेकर जमकर विवाद हुआ. अब वनडे सीरीज में साउथ अफ्रीका की हार के बाद उन्हें अब अपनी गलती का एहसास हो रहा है. शुक्री कॉनरैड ने शनिवार को कहा कि ‘ग्रोवेल’ शब्द के इस्तेमाल से भारत के खिलाफ़ उनकी टीम की ऐतिहासिक टेस्ट जीत की चमक फीकी पड़ गई, हालांकि उन्होंने कहा कि उस शब्द से उनका कोई “बुरा इरादा” नहीं था.

कॉनरैड ने गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट के चौथे दिन यह विवादित टिप्पणी की थी, जब प्रोटियाज़ मैच में पूरी तरह हावी थे, और नस्लीय रंग वाला यह शब्द विवादों में घिर गया.

‘मैं और समझदारी दिखा सकता था’

तीसरे वनडे के बाद यहां पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉनरैड ने कहा, मुझे लगता है कि सोचने पर, मेरा इरादा कभी भी कोई बुरा इरादा पैदा करने या किसी भी चीज़ के बारे में विनम्र न होने का नहीं था, मैं कोई बेहतर शब्द कैसे चुन सकता था? हाँ, मैं और समझदारी दिखा सकता था.उन्होंने आगे कहा, इस (शब्द) ने लोगों को अपने हिसाब से इसका मतलब निकालने का मौका दिया, जबकि मेरा एकमात्र इरादा यह था कि भारत काफी समय बिताए और उनके लिए इसे सच में मुश्किल बनाए.

कॉनरैड ने कहा कि अब से वह पब्लिक में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों पर ध्यान देंगे, अब मैं यहां जो भी शब्द इस्तेमाल करूंगा, उस पर ध्यान रखूंगा, क्योंकि उससे भी संदर्भ जुड़ जाएगा, यह सच में दुख की बात है, शायद इसने वनडे सीरीज़ को और मज़ेदार बना दिया, खासकर अब जब वे जीत गए हैं, तो T20 सीरीज़ और भी रोमांचक हो जाएगी.

‘भारत के खिलाफ़ SA की टेस्ट सीरीज़ जीत से ध्यान हटा दिया’

कॉनरैड ने कहा कि इस पूरे मामले ने 25 साल बाद भारत के खिलाफ़ SA की टेस्ट सीरीज़ जीत से ध्यान हटा दिया. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात यह है कि उस शब्द से जो शोर हुआ, मुझे नहीं लगता कि यह पूरी तरह से सही अंग्रेजी शब्द है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, इसने बहुत सारी व्याख्याओं के लिए दरवाज़ा खोल दिया. कॉनरैड ने कहा इसने हमारी टेस्ट टीम की एक बहुत ही खास जीत की चमक छीन ली, यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, निश्चित रूप से कोई बुरा इरादा नहीं था।”

58 साल के कोच ने कहा कि साउथ अफ्रीकी टेस्ट टीम का मूल सिद्धांत बड़ी उपलब्धियों के बीच भी विनम्र रहना है. विनम्र रहना हमारी टेस्ट टीम और हमारी सभी टीमों का एक मुख्य सिद्धांत है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शोर और बातचीत कोच के इर्द-गिर्द होने लगी. उन्होंने लोगों को तो यह भी नहीं पता होना चाहिए कि कोच कौन है, यह खिलाड़ियों के बारे में होना चाहिए, यह दुख की बात है और मुझे लगता है कि अब यह बात खत्म हो जाएगी.

‘हमने मौका गंवा दिया’

कॉनराड ने इस बात पर भी दुख जताया कि हाल ही में टेस्ट सीरीज़ जीतने के बाद साउथ अफ्रीका ने घर पर भारत को एक और सीरीज़ हराने का सुनहरा मौका गंवा दिया.उन्होंने कहा, “हां, हमारे पास कुछ बहुत खास करने का मौका था, मुझे लगता है कि पिछली बार भारत ने टेस्ट और वनडे दोनों सीरीज़ 1990 के दशक में हारी थीं, हमने वह मौका गंवा दिया.

रोहित- कोहली की तारीफ

साउथ अफ्रीका के हेड कोच शुक्री कॉनरैड ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि जब रोहित शर्मा इस तरह की फॉर्म में होते हैं, तो आप अपना गेम खराब नहीं कर सकते. कॉनराड ने कहा कि युवा साउथ अफ्रीकी टीम के लिए दो मास्टर्स को खेलते हुए देखना और उनसे सीखना एक अनुभव था.

उन्होंने कहा, यहीं से हमें सीखना है, हमारे युवा बल्लेबाजों को यह देखना है कि दुनिया के बेस्ट खिलाड़ी, यानी विराट और रोहित, अपना काम कैसे करते हैं। और मुझे लगता है कि हम उस सीख को अपने साथ ले जाएंगे और फिर वहां से आगे बढ़ेंगे, खासकर हमारे युवा बल्लेबाज.

‘2027 वर्ल्ड कप पर हमारी नजरें’

कॉनराड ने माना कि SA के बल्लेबाज यहां तीसरे वनडे में काफी बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे और घरेलू टीम पर दबाव नहीं डाल पाए. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हम बल्ले से थोड़ा पीछे रह गए, हमने गेंद से बहुत अच्छी शुरुआत की, लेकिन क्योंकि हमने काफी बड़ा स्कोर नहीं बनाया, इसलिए भारतीय ओपनिंग बल्लेबाजों को कोई रिस्क नहीं लेना पड़ा और उन्होंने हम पर दबाव डाल दिया.

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उन्होंने कहा कि हालांकि मुझे लगता है कि हमने बैटिंग में खुद को निराश किया, भारत पर दबाव डालने के लिए हमें बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिटिव स्कोर बनाना था, लेकिन, जब दो बराबर की टीमें एक-दूसरे के सामने होती हैं, और जब एक टीम थोड़ी कमज़ोर पड़ जाती है, तो ऐसा ही होता है. उन्होंने कहा कि इसका एक हिस्सा 2027 में साउथ अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी है, मुझे लगता है कि कुछ चीजें अब सही जगह पर आ रही हैं, आपको बहुत सारा अनुभव मिला है.