भारतीय टीम के सफल स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अपने पहले दो ही मैच खेलने के बाद समझ आ गया कि टी20 फॉर्मेट में गेंदबाजी करना बच्चों का खेल नहीं। अश्विन इसे अपने करियर का अहम सबक मानते हैं।

लॉकडाउन के दौरान ईएसपीएनक्रिकइंफो के पोडकास्ट के दौरान अश्विन ने आईपीएल 2010 को याद किया जब दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) टीम से बाहर कर दिया गया। ये उनके लिए कड़ा सबक था क्योंकि उन्हें लगता था कि कोच स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) ने उनसे बात नहीं की और उन्हें टीम मैनेजमेंट का समर्थन नहीं मिला था।

अश्विन ने कहा, ‘‘लोग सोचते थे कि मैं खुद को बहुत अच्छा गेंदबाज मानता हूं लेकिन जब आईपीएल में खेलता हूं तो इस तरह से बुरा प्रदर्शन करता हूं। ये एक तमाचे की तरह था जैसे कोई बोल रहा हो कि तुम यहां के लायक भी नहीं हो। मैं सोचता था कि प्रथम श्रेणी मैचों की तुलना में टी20 मैच में गेंदबाजी करना आसान होता है।’’

अश्विन जिस मैच की बात कर रहे हैं वो सीएसके और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के बीच खेला गया था, जिसमें रॉबिन उथप्पा और मार्क बाउचर ने उनकी जमकर धुनाई की थी। उन्होंने कहा, ‘‘रॉबिन उथप्पा और मार्क बाउचर ने मुझे कड़ा सबक सिखाया। मैंने 14वां, 16वां, 18वां और 20वां ओवर किया था। मैं युवा खिलाड़ी था और नहीं जानता था कि ये एक चुनौती है। मुझे लगा कि ये विकेट हासिल करने का अच्छा मौका है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विकेट तो मिला नहीं लेकिन मैंने 40 या 45 रन लुटाकर अपनी टीम को परेशानी में डाल दिया था। अगला मैच सुपर ओवर तक खिंचा और हम हार गए। मुझे टीम से बाहर कर दिया गया। मुझे लगा जैसे किसी ने मुझ पर करारा तमाचा जड़ दिया है।’’

दरसअल उन दिनों आईपीएल फ्रेंचाइजी घरेलू मैचों के दौरान होटल की लागत बचाने के लिए केवल शीर्ष 18 खिलाड़ियों को ही टीम में रखती थीं। अश्विन को भी घर में बैठकर सीएसके के मैच देखने पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बाहर कर दिया गया। मुझे होटल छोड़ना पड़ा और मैं घर में बैठ गया। मुझे लगा कि मैं इससे बेहतर का हकदार था क्योंकि मैं वेस्टइंडीज में होने वाले विश्व टी20 के 30 संभावित खिलाड़ियों में शामिल था।

अश्विन ने स्वीकार किया कि फ्लेमिंग उनसे नाराज थे और इसलिए सीएसके के टीम मैनजमेंट ने भी उनका पक्ष नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले तीन मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। केवल दो मैचों में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। असल में मेरे स्टीफन फ्लेमिंग से बहुत अच्छे संबंध नहीं थे और उन्होंने मुझसे बात तक नहीं की। इसलिए मैं घर में बैठकर सीएसके के मैच देख रहा था और वादा कर रहा था कि एक दिन मैं परिदृश्य बदल कर रहूंगा।’’

जडेजा से तुलना पर बोले अश्विन

अश्विन ने इसके साथ ही कहा कि उनके साथी स्पिनर जडेजा नैसर्गिक तौर पर फिट खिलाड़ी हैं जिन्हें फिट रहने के लिए उनकी तरह अतिरिक्त प्रयास नहीं करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं दिन में दो बार भी अभ्यास करता हूं और फिर अच्छी कैलोरी वाला भोजन करता हूं तो मेरी फिटनेस गड़बड़ा जाएगी। कुछ लोगों को ईश्वर का आशीर्वाद होता है। मुझे इस मामले में रविंद्र जडेजा से तुलना करना पसंद है। उसे ईश्वर का आशीर्वाद है, वो शारीरिक तौर पर बेहद फिट खिलाड़ी है। जडेजा नैसर्गिक क्रिकेटर, नैसर्गिक गेंदबाज, नैसर्गिक बल्लेबाज है।’’