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मैं अभी भी टीम के लिए... प्लेयर ऑफ द सीरीज खिताब जीतने के बाद क्या बोले विराट कोहली ?

भारतीय दिग्गज ने कहा, कई बार ऐसा होता है जब आपको संदेह होता है, आप घबराते भी हैं, खासकर बल्लेबाज़ी में, जहां एक गलती महंगी पड़ सकती है, यह एक पूरी यात्रा है बेहतर बनने की, एक बेहतर इंसान बनने की.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - December 6, 2025 10:54 PM IST

भारत ने साउथ अफ्रीका को नौ विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया. भारत के सामने जीत के लिए 271 रन का टारगेट था, जिसे टीम ने यशस्वी जायसवाल (116) के शतक, रोहित शर्मा के 75 रन और विराट कोहली के नाबाद 65 रन की मदद से 39.5 ओवर में हासिल कर लिया. विराट कोहली ने तीन मैच में एक शतक और एक अर्धशतक के साथ 300 से ज्यादा रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया. कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 22वीं बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता है. सचिन तेंदुलकर (20) लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. विराट कोहली ने प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने जाने के बाद कहा, मैं बस अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहता था और अच्छा करना चाहता था.

कोहली ने कहा, इस सीरीज़ में जिस तरह से मैंने खेला है, वह मेरे लिए सबसे संतोषजनक रहा है, मैं बहुत फ्री महसूस कर रहा हूं, पूरा खेल एक साथ जुड़ता हुआ लग रहा है, मैंने अपने स्टैंडर्ड को बनाए रखने और प्रभाव छोड़ने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि मैं लंबी पारी खेल सकता हूं और परिस्थिति के अनुसार ढल सकता हूं, कई बार ऐसा होता है जब आपको संदेह होता है, आप घबराते भी हैं, खासकर बल्लेबाज़ी में, जहां एक गलती महंगी पड़ सकती है, यह एक पूरी यात्रा है बेहतर बनने की, एक बेहतर इंसान बनने की.

‘मुझे खुशी है कि मैं अभी भी टीम के लिए योगदान दे पा रहा हूं’

विराट ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं अभी भी टीम के लिए योगदान दे पा रहा हूं, जब मैं खुलकर खेलता हूं, तो मुझे पता है कि मैं छक्के मार सकता हूं, मैं बस अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहता था और अच्छा करना चाहता था.

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रांची के शतक को कोहली ने बताया सीरीज की सर्वश्रेष्ठ पारी

विराट कोहली ने रांची की पारी को खास बताया, जहां उन्होंने 135 रन की पारी खेली थी. उन्होंने कहा कि पहली पारी इस सीरीज़ की मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी थी, ऑस्ट्रेलिया के बाद मैंने नहीं खेला था, उस दिन की ऊर्जा ने जोखिम लेने में मदद की, उसने मुझे एक ऐसे तरीके से खोल दिया, जैसा मैंने लंबे समय से महसूस नहीं किया था, मैं इस बात के लिए आभारी हूं कि मैच कैसे गए. उन्होंने कहा कि सीरीज 1-1 की बराबरी पर थी, ‘मस्ट-विन’ परिस्थितियां हमें हमारा सर्वश्रेष्ठ निकालने पर मजबूर करती हैं, मैं योगदान देना चाहता था, खुशी है कि रोहित और मैं आज भी टीम की मदद कर पा रहे हैं.