एशेज स्क्वाड चयन की दौड़ से खुद को बाहर मानते हैं जैक्सन बर्ड

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जैक्सन बर्ड ने कहा है कि उन्हें आश्चर्य होगा अगर वो एशेज दौरा का हिस्सा बने।

Edited By : Cricket Country Staff |Feb 24, 2019, 10:35 AM IST

Published On Feb 24, 2019, 10:35 AM IST

Last UpdatedFeb 24, 2019, 10:35 AM IST

Jackson Bird (Getty Images)

ऑस्ट्रेलिया की मशहूर शेफील्ड शील्ड के दूसरे भाग में शानदार प्रदर्शन कर रहे गेंदबाज जैक्सन बर्ड खुद को एशेज टीम के चयन की दौड़ से बाहर मानते हैं। बर्ड का कहना है कि अगर उन्हें एशेज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट स्क्वाड में जगह मिली तो ये उनके लिए आश्चर्य की बात होगी।

ये भी पढ़ें: विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम आजमाना चाहेगा भारत

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

तस्मानिया के इस तेज गेंदबाज ने कहा, “अगर मैं उस दौरे पर गया तो मैं आश्चर्यचकित होंगा। लेकिन आप नहीं जानते कि आगे क्या होगा। मुझे लगता है कि पिछले 12 महीनों में जिस तरह से चयन हुए हैं, वो (चयनकर्ता) शायद दूसरी दिशा में चले गए हैं, जो काफी हद तक सही है। पिछले कुछ सालों में खिलाड़ियों ने शील्ड क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है।”

शनिवार को एडिलेड ओवल में साउथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शील्ड मैच में तस्मानिया के लिए खेलते हुए बर्ड ने शानदार चार-विकेट हॉल दर्ज किया और विपक्षी टीम को 257 रन पर समेटा।

ये भी पढ़ें: युवाओं के पास विश्व कप में जगह बनाने का सुनहरा मौका : फिंच

अपने आप को एशेज स्क्वाड की दौड़ से बाहर रखने का पहला कारण है कि जैक्सन बर्ड को लगता है कि उन्होंने पिछले कुछ सालों में पर्याप्त टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है और दूसरा ये कि उनके प्रतिद्वंदी काफी अच्छे हैं। साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू करने वाले बर्ड ने अपने करियर में 9 टेस्ट मैच खेले हैं। जिसमें दो एशेज सीरीज (2013 और 2017-18) शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है, मैंने उतना टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है जितना कि मैं खेलना चाहता था। लेकिन ये काफी मुश्किल होता है जब आपके आगे ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो मेरे स्क्वाड का हिस्सा हैं। जोश हेजलवुड, मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस, मिचेल जॉनसन, रयान हैरिस और पीटर सिडल जैसे खिलाड़ी। इन खिलाड़ियों से आगे निकल पाना मुश्किल है। वैसे आप इससे भी बुरी स्थिति में हो सकते हैं, शायद।”

Editor's Pick