James Sutherland: Extent of my disappointment around Ball-tampering incident was heightened by earlier events
James Sutherland © Getty Images

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन बॉल टैंपरिंग मामले को ना रोक पाने पर अफसोस जताया। सदरलैंड का कहना है कि उन्हें हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि उन्होंने सीरीज की शुरुआत में हुई घटनाओं पर कोई कारवाई नहीं की। जिस सीरीज का अंत ऑस्ट्रेलिया के तीन खिलाड़ियों पर बैन लगाने के साथ हुआ।

ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई इस टेस्ट सीरीज में केवल बॉल टैंपरिंग ही पहला विवाद नहीं था। इससे पहले भी खिलाड़ियों के बीच झड़प की खबरें लगातार आ रही थी। सीरीज के दौरान ही दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक और ऑस्ट्रेलियाई उप कप्तान डेविड वार्नर के बीच काफी बड़ा विवाद हुआ। प्रोटियाज खिलाड़ी के उनकी पत्नी पर की टिप्पणी के बाद वार्नर काफी गुस्से में थे। इसी दौरान ड्रेसिंग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में दोनों खिलाड़ी आपस में भिड़ते दिखे।

सदरलैंड ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में कहा, “इस बात में कोई दोराय नहीं है कि ये होमवर्क करने की बात थी। अगर मैं आसपास होता तो शायद नतीजा कुछ और होता। मेरा सोचना है कि कुछ मामलों में चीजों को खराब होना ही होता है, ये सच है। आप हर जगह मौजूद नहीं रह सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “वहां पर कई दूसरी चीजें भी चल रही थी। और पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट के दौरान जिस तरह का अभद्र व्यवहार हुआ। विपक्षी टीम के फैंस के साथ साथ प्रशासकों की ओर से भी भड़काने वाला रवैया दिखाया गया। लेकिन फिर भी, अगर आप वापस से डरबन के देखें तो मेरे विचार डरबन टेस्ट के दौरान और उसके बाद यही थे कि हमें स्टॉक लेने की जरूरत है और ये पता होना चाहिए कि जब आप दक्षिण अफ्रीका खेल रहे हैं, तो आप एक कढ़ाई में खेल रहे हैं और हमारे पास दो टीम हैं जो कड़ी प्रतिद्वंदिता करने को तैयार हैं।”

सदरलैंड ने कहा, “हमारे नेतृत्व समूह को संयम दिखाने की जरूरत है और ये समझने की भी कि ये पहली बार नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैदान पर बवाल हुआ है और ये आखिरी बार भी नहीं होगा। लेकिन ये पहले हुआ है, खासतौर पर उन लंबी सीजन के आखिर में होने वाले दौरों पर और कुछ हद तक इसका अनुमान लगाया जा सकता था। लेकिन मेरा विचार से, सब कुछ डरबन से अलग रखकर, वो अच्छा और कठिन क्रिकेट खेलने का समय था।”