Akhilesh Tripathi
पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2013 मेंआर्यन टीवी (पटना) से हुई, फिर ईनाडु डिजीटल (ईटीवी हैदराबाद) में लगभग ...Read More
Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - February 28, 2026 5:48 PM IST

जम्मू कश्मीर ने रणजी ट्रॉफ़ी 2025-26 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बाद जम्मू कश्मीर ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को पहली पारी में महज 293 रनों पर ऑल आउट करके 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल की. पांचवें दिन का खेल खत्म होने तक जम्मू- कश्मीर ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. कर्नाटक के कप्तान ने इसके बाद जम्मू कश्मीर के कप्तान के साथ हैंडशेक किया और मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ. पहली पारी के बढ़त के आधार पर जम्मू- कश्मीर की टीम चैंपियन बनी. इस जीत के साथ जम्मू- कश्मीर की टीम ने 67 साल का इंतजार खत्म किया और पहला रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम किया. जम्मू- कश्मीर ने क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश और सेमीफाइनल में बंगाल के खिलाफ जीत हासिल की थी.
शुभम पुंडीर को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया, वहीं आकिब नबी को प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया. कर्नाटक की टीम ने आठ बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था, जम्मू कश्मीर की टीम ने आठ बार की चैंपियन को मात दी है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम के लिए दो करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है.
| पहली पारी | |
|---|---|
| जम्मू-कश्मीर | 584 रन |
| कर्नाटक | 293 रन |
| जम्मू-कश्मीर – दूसरी पारी | |
| कामरान इकबाल | नाबाद 160 |
| यावर हसन | बो प्रसिद्ध 01 |
| शुभम पुंडीर | स्थानापन्न बो विशाक 04 |
| परस डोगरा | बो प्रसिद्ध 16 |
| अब्दुल समद | का विशाक बो गोपाल 32 |
| साहिल लोत्रा | नाबाद 101 |
| अतिरिक्त | 28 |
| कुल | 342/4 (113 ओवर) |
| विकेट पतन | |
| 1-6, 2-11, 3-72, 4-145 | |
| गेंदबाजी | |
| विशाक | 10-1-30-1 |
| कृष्णा | 12-0-42-2 |
| पाटिल | 13-0-51-0 |
| शेट्टी | 31-10-50-0 |
| गोपाल | 36-13-84-1 |
| करुण नायर | 7-2-21-0 |
| केएल राहुल | 2-0-15-0 |
| मयंक अग्रवाल | 2-0-23-0 |
खेल के पांचवें दिन जम्मू कश्मीर के लिए दूसरी पारी में कामरान इकबाल ने नाबाद 160 रन की पारी खेली. वहीं साहिल लोत्रा ने भी शतक लगाया और 101 रन बनाकर नाबाद रहे. साहिल लोत्रा के शतक के बाद जम्मू- कश्मीर की टीम ने दूसरी पारी घोषित कर दी. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को अपनी टीम के ऐतिहासिक खिताब जीतने के पल को देखने के लिए हुबली पहुंचे थे और वह शनिवार को भी मैच के दौरान मौजूद रहे.
‘On the Cusp of Glory’ 🏏
— DD NEWS JAMMU | डीडी न्यूज़ जम्मू (@ddnews_jammu) February 28, 2026
Chief Minister @OmarAbdullah is in Hubballi to cheer #JammuAndKashmir on the final day of the Ranji Trophy Final, as the team stands on the brink of history.
Calling it a defining moment for J&K cricket, the CM lauded the side’s dominance throughout… pic.twitter.com/kZkVRHUPgS
जम्मू कश्मीर की टीम ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे. शुभम पुंडीर ने पहली पारी में शतक लगाया था और 121 रन की पारी खेली थी. इसके अलावा यावेर हसन ने 88 रन, साहिल लोत्रा ने 72 रन, कप्तान पारस डोगरा ने 70 रन, कन्हैया वधावन ने 70 रन और अब्दुल समद ने 61 रन की पारी खेली थी. कर्नाटक के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने पहली पारी में पांच विकेट चटकाए थे.
𝐇𝐈𝐒𝐓𝐎𝐑𝐘 𝐅𝐎𝐑 𝐉𝐀𝐌𝐌𝐔 & 𝐊𝐀𝐒𝐇𝐌𝐈𝐑! 🏆
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) February 28, 2026
🎥 An outpouring of pure, unadulterated emotion as J&K conquer the summit to claim their first-ever #RanjiTrophy crown 🫡
Scorecard ▶️ https://t.co/G0ytZLEyNB@IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/XRyia1coda
जम्मू कश्मीर की पहली पारी के जवाब में कर्नाटक की टीम पहली पारी में 293 रन ही बना सकी. मयंक अग्रवाल ने शतक लगाया और 160 रन की पारी खेली. उनके अलावा कोई और बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका. केएल राहुल ने 13 रन और कप्तान देवदत्त पडिडकल ने 11 रन का योगदान दिया. करुण नायर और स्मरण रविचंद्रन खाता भी नहीं खोल सके. कर्नाटक ने अपने आख़िरी पांच विकेट सिर्फ़ 52 रनों के अंदर गंवा दिए. जम्मू कश्मीर की तरफ़ से आकिब नबी ने एक बार फ़िर इस सीज़न पारी में 5 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया. उनके अलावा सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह चरक ने दो-दो विकेट लिए.
दूसरी पारी में जम्मू कश्मीर की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 11 रन तक उनके दो विकेट गिर चुके थे. लंच के बाद कप्तान पारस डोगरा भी 16 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन इक़बाल ने अब्दुल समद (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़े. चौथे दिन नाबाद रहने वाले कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने शतक लगाया.
आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह ने जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी ट्रॉफी खिताबी जीत पर भारतीय क्रिकेट जगत के साथ टीम की इस उपलब्धि की सराहना की. शाह ने इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण करार देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मौजूदा पीढ़ी में “विश्वास जगाने” का काम करेगी और आने वाली पीढ़ियों को भी क्रिकेट अपनाने के लिए प्रेरित करेगी.
शाह ने एक्स पर लिखा, ‘‘भारत में जम्मू-कश्मीर टीम को जुझारूपन और धैर्य की एक उल्लेखनीय कहानी रचने के लिए बधाई. उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि खिलाड़ी सराहना के हकदार हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि को आकार देने में पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत करने वाले जम्मू-कश्मीर के कोचिंग सदस्य, प्रबंधन और प्रशासकों के योगदान को भी याद रखना चाहिए.
उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि यह जीत क्षेत्र की मौजूदा पीढ़ी के दिलों में भरोसा जगाएगी और अगली पीढ़ी को बल्ला या गेंद उठाने के लिए प्रेरित करेगी. हमारा खेल दुनिया भर में ऐसी प्रेरक कहानियों से समृद्ध है और उम्मीद है कि इस उपलब्धि को भी उसका उचित सम्मान मिलेगा. वहीं पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने उनकी जीत को इस बात का प्रमाण बताया कि रणजी ट्रॉफी टीमें हर नए सत्र में बेहतर तैयारी के साथ आती हैं.
जम्मू कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने शनिवार को कहा कि उनकी टीम की रणजी ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत को बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है और यह उनके जीवन का सबसे बड़ा क्षण है. डोगरा ने मैच के बाद कहा, सच कहूं तो मैं इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता, मेरे पास शब्द नहीं हैं, इस समय यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है, विदा होने से पहले यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.
उन्होंने कहा, सच कहूं तो जेकेसीए (जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ) के साथ रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, यहां के खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, मैं केवल 11 खिलाड़ियों की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि सभी 14-15 खिलाड़ियों की बात कर रहा हूं, वे लाजवाब हैं, उन्होंने अपना पूरा योगदान दिया है और मैच जीतने के लिए बेताब रहे हैं, शुरुआत से ही उन्हें पूरा यकीन था कि हम रणजी ट्रॉफी जीतेंगे.
जम्मू कश्मीर में पहली पारी ने 291 रन की बढ़त हासिल की, उसकी तरफ से दूसरी पारी में कामरान इकबाल ने नाबाद 160 रन बनाए जिन्हें अंतिम क्षणों में अंतिम एकादश में शामिल किया गया था. इकबाल ने कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, यह पहला अवसर है जबकि हमारे राज्य में कोई टूर्नामेंट जीता है, यह जेकेसीए के कोच, खिलाड़ियों और प्रशासकों के अथक प्रयासों का नतीजा है, इसलिए जेकेसीए को हार्दिक बधाई।’’
इकबाल को जनवरी में सौराष्ट्र के खिलाफ मैच के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था लेकिन शुभम खजुरिया के चोटिल होने के कारण उन्हें अंतिम समय में फाइनल मैच के लिए टीम में लिया गया. उन्होंने कहा, मुझे थोड़ी चोट लगी थी, मैं घर पर था जब मुझे सुबह तीन बजे फोन आया, मैंने शाम को फ्लाइट पकड़ी, फिर मैं सुबह आठ बजे यहां आ गया, मैं अभ्यास कर रहा था और इसलिए खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार था.
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