ईस्ट एशिया कप के पहले मैच में जापान ने चाइना को हराया। © Getty Images
ईस्ट एशिया कप के पहले मैच में जापान ने चाइना को हराया। © Getty Images

चाइना के सानो अंतर्राष्ट्रीय ग्राउंड पर हो रहे ईस्ट एशिया कप के पहले मैच में जापान को बढ़त मिलती दिख रही है। 3 नवंबर को हुए इस मैच में चीन के कप्तान जैंग यू फी ने अपनी टीम के लिए दूसरे स्थान पर खेलते हुए 65 गेंदो पर 53 रनों की शानदार पारी खेली। फी ने अपनी पारी में तीन चौके और दो छक्के भी लगाए लेकिन उन्हें दूसरे छोर पर साथ देने वाला कोई नहीं मिला जिससे उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी भी चाइना टीम को बचा नहीं पाई और 80 रन पर टीम ने नौ विकेट खो दिए। चाइना की ओर से दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाए हैन जुन्हुई ने, जिन्होंने केवल 5 रन बनाए। पू जियानलिंग ने कप्तान फी के बाद चाइना की ओर से अकेली बॉउंड्री लगाई। जापान की ओर से कोहियो वॉकिटा ने तीन विकेट चटकाए वहीं ताकुरो हगीहारा और माकुतो तानियामा ने दो-दो विकेट लिए। ईस्ट इशिया कप के दूसरे मैच हाँग काँग बनाम पापुआ न्यू गिनी का लाइव स्कोर जानने के लिए क्लिक करें

जापान की टीम के लिए यह लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं था। चीन के वॉंग जिहायो का दूसरा ओवर काफी अहम रहा। इस ओवर में नो बॉल के चलते रयोया सुतसुई को फ्री हिट मिली जो उसने मिस कर दी वहीं अगली गेंद पर फिर से फ्री हिट मिल गई जिस पर तानियामा ने दो रन लिए। वहीं तीसरे ओवर में जांग यू फी खुद गेंदबाजी करने आए, तब पहली गेंद के बाद तानियामा को बल्ले में बदलाव की जरूरत हुई और वह मैदान से बाहर चले गए। दुर्भाग्य से जाने से पहले उन्होंने न तो एलन कुर है और न ही मिहिन्दू परेरा को सूचित किया जिस वजह से उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा। यह एक विचित्र निर्णय था क्योंकि रिटायर हर्ट होना लगभग हमेशा स्वैच्छिक होता है। इसके बाद चीन को एक और बड़ी सफलता मिली जब जुन यामाशिता आउट हुए। 16 रन पर तीन विकेट खोकर जापान की हालात खराब थी पर तभी मैदान पर आए कप्तान मसौमी कोबायाशी जिन्होंने बल्लेबाजी का जिम्मा अपने कंधो पर लिया। कोबायाशी ने 35 गेंदो पर 29 रन बनाए और चार चौके भी लगाए।

वहीं चीन की टीम खुद ही अपनी दुश्मन बनी थी क्योंकि मैच में उनके गेंदबाजों ने 27 अतिरिक्त रन दिए जिसमें से 18 वाइड गेंदो पर थे। जापान ने 43 गेंदे शेष रहते आसानी से मैच जीत लिया। चाइना के लिए इस मैच में केवल एक ही अच्छी बात रही वह थी कप्तान जैंग यू ही को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया जाना।