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अब जेसन गिलेस्पी ने छोड़ा पाकिस्तानी टीम का साथ, पीसीबी की इस बात से हो गए थे नाराज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कोचिंग छोड़ दी है. उनके स्थान पर आकिब जावेद को यह जिम्मेदारी दी गई है. पाकिस्तान के पूर्व पेसर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम का अंतरिम कोच बनाया गया है. पाकिस्तान क्रिकेट...

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - December 13, 2024 8:46 AM IST

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कोचिंग छोड़ दी है. उनके स्थान पर आकिब जावेद को यह जिम्मेदारी दी गई है. पाकिस्तान के पूर्व पेसर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम का अंतरिम कोच बनाया गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को इस बात का ऐलान किया.

पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच 26 दिसंबर से दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. पाकिस्तान पहले ही साउथ अफ्रीका में सीमित ओवरों की सीरीज खेल रहा है. आकिब जावेद पहले ही पाकिस्तान की सीमित ओवरों की टीम के कोच हैं.

गिलेस्पी का अनुबंध दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टिम नीलसन के कॉन्ट्रैंक्ट को रिव्यू नहीं किया गया. नीलसन को गिलेस्पी के कहने पर ही पाकिस्तानी टीम के साथ जोड़ा गया था. वह टीम के हाई परफॉरमेंस कोच के रूप में जुड़़े थे.

गिलेस्पी इस बात से भी नाराज थे कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें टीम सिलेक्शन और पिच की तैयारी से जुड़े मामलों से दूर कर दिया था. इससे गैरी क्रिर्स्टन मामले की याद ताजा हो गई. साउथ अफ्रीका के इस पूर्व खिलाड़ी ने पाकिस्तान टीम के सीमित ओवरों के कोच के तौर पर जॉइन किया था. लेकिन जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के दौरे से पहले उन्होंने टीम का साथ छोड़ दिया था. कर्स्टन भी पीसीबी की दखलअंदाजी और अधिकारों में कटौती की बातों से परेशान थे.

गिलेस्पी और कर्स्टन दोनों को ही दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर जोड़ा गया था. साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले ये बतौर कोच पाकिस्तानी टीम के साथ जुड़े थे. और पीसीबी ने वादा किया था कि इनके आने से पाकिस्तानी टीम के नए दौर की शुरुआत होगी.

लेकिन एक बार जब आकिब जावेद को सीनियर सिलेक्टर के तौर पर जोड़ा गया तो पीसीबी ने उन्हें पूरे अधिकार दे दिए. और इसी से परेशान होकर विदेशी कोच टीम से अलग होने लगे.