भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की सीखने की ललक से प्रभावित हुए थे जेसन गिलेस्पी

साल 2018 में इशांत शर्मा ने ससेक्स कोच जेसन गिलेस्पी के मार्गदर्शन में इंग्लैंड काउंटी क्रिकेट खेला था।

Edited By : India.com Staff |Apr 20, 2020, 09:38 AM IST

Published On Apr 20, 2020, 09:38 AM IST

Last UpdatedApr 20, 2020, 09:38 AM IST

भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज इशांत शर्मा (Ishant Sharma) अक्सर अपने करियर में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) के योगदान की बात करते हैं। खराब फॉर्म से जूझ रहे इशांत जब 2018 में ससेक्स के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने पहुंचे तो उस समय क्लब के कोच और पूर्व कंगारू गेंदबाज गिलेस्पी उनके सीखने की ललक से बेहद प्रभावित हुआ।

गिलेस्पी ने ‘काउ कार्नर क्रानिकल्स’ चैट शो में कहा, ‘‘आपको पता है कि इशांत की किस चीज ने सचमुच मुझे प्रभावित किया, वह थी उसकी नई जानकारी हासिल करने की ललक, दूसरों को सुनने की इच्छा, सवाल पूछना, नई चीजों को आजमाना। क्योंकि कभी कभार जब आप सीनियर और अनुभवी खिलाड़ी बन जाते हो तो आप अपनी ही तरह की चीजें करते हो।’’

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

बल्कि पिछले प्रथम श्रेणी सीजन के दौरान इशांत ने भी स्वीकार किया था कि हर कोई उनकी समस्या के बारे में बात कर रहा था लेकिन वो गिलेस्पी ही थे जिन्होंने मुश्किल का हल निकाला। गिलेस्पी ने कहा, ‘‘खिलाड़ी जानते हैं कि उन्हें क्या करना है और ये ठीक है। लेकिन इशांत जानता था कि उसे अच्छी गेंदबाजी करनी है। वो ये भी जानता था कि वो बेहतर गेंदबाज बनना चाहता था।’’

भारत ने 2018 में उस सीजन में इंग्लैंड का दौरा किया था और गिलेस्पी को लगता है कि इशांत को इस अनुभव का फायदा मिला। उन्होंने ये भी कहा कि इशांत ने ससेक्स की ओर से खेलते हुए अन्य खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने चेतेश्वर पुजारा की तारीफ की

गिलेस्पी ने इशांत के अलावा भारतीय टेस्ट टीम के शीर्ष बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) के साथ भी काम किया है। उन्होंने यार्कशर की काउंटी टीम में पुजारा को कोचिंग दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘यार्कशर में पुजारा हमारी टीम में थे और मैं तब वहां मुख्य कोच था। हमें शीर्ष तीन में एक बल्लेबाज की जरूरत थी जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमारे लिए अच्छा खेले और अच्छी गेंदबाजी के खिलाफ डटा रहे।’’

पुजारा के 2015 में यार्कशायर की ओर से खेलने के बारे में बात करते हुए गिलेस्पी ने कहा, ‘‘पुजारा उस स्थान के लिए बिल्कुल फिट रहा। उसने इसे चुनौती के तौर पर लिया और इंग्लिश हालात में ड्यूक गेंद के खिलाफ चुनौती बतौर खिलाड़ी उसके लिये अच्छी परीक्षा रही। ये उसके लिये अच्छा अनुभव रहा।”

Editor's Pick