Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - March 9, 2026 8:03 AM IST

अहमदाबाद: जसप्रीत बुमराह… इस गेंदबाज की जितनी तारीफ की जाए कम है. मुकाबले किसी से भी हो. मुकाबला कहीं पर भी हो. मुकाबला किसी भी परिस्थिति में हो. लेकिन जब बूम-बूम बुमराह गेंद लेकर दौड़ते हैं तो उनके साथ करोड़ों क्रिकेट फैंस का यकीन दौड़ता है, बुमराह हैं, हो जाएगा. और भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव भी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं. सूर्यकुमार यादव ने रविवार को तीसरा आईसीसी टी20 विश्व कप खिताब जीतने के बाद जसप्रीत बुमराह को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए ‘राष्ट्रीय धरोहर’ तक करार दिया. और इस करिश्माई तेज गेंदबाज के लिए सबसे मिसाल बिलकुल सटीक मानी जा सकती है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ 96 रन से जीत के साथ सूर्यकुमार की टीम पुरुष क्रिकेट में लगातार विश्व टी20 खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई और साथ ही घरेलू मैदान पर ट्रॉफी जीतने वाली भी पहली टीम बनी. इससे पहले भारत ने साल 2024 में साउथ अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीता था.
सूर्यकुमार ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ‘बुमराह एक पीढ़ी में एक बार आने वाले गेंदबाज हैं. मैं उन्हें राष्ट्रीय धरोहर कह सकता हूं. उन्हें पता है कि विकेट कैसे झटके जा सकते हैं, वह इस खेल के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं.’
बुमराह ने फाइनल में चार ओवर में 15 रन देकर चार विकेट झटककर शानदार गेंदबाजी की और न्यूजीलैंड को 159 रन पर आउट करने में अहम भूमिका निभाई.
बुमराह ने सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम को जीत दिलाने में बहुत बड़ा योगदान दिया था. उन्होंने 18वें ओवर में सिर्फ छह रन देकर जीत की ओर बढ़ रहे इंग्लैंड को जीत से महरूम रखा था.
भारत को टी20 वर्ल्ड कप खिताब जिताने वाले तीसरे कप्तान बनने के बाद सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘यह एक लंबा सफर रहा है. इसकी शुरुआत टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद हुई थी। जय शाह और रोहित शर्मा ने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे टीम की अगुआई करने का मौका दिया. वहां से यह लंबा सफर शुरू हुआ और यहां आकर ट्रॉफी जीतना शानदार है। पिछले दो वर्षों में हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे और हम बस वही अच्छी क्रिकेटिंग आदतें जारी रखना चाहते थे जो 2024 वर्ल्ड कप में थीं. खिलाड़ियों ने इसे बहुत अच्छे से अपनाया.’
खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने के बारे में मुम्बई के इस खिलाड़ी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह समझना बहुत जरूरी है कि वे किसमें सक्षम हैं. और मुझे पता था कि उनमें मैच जिताने की काबिलियत है. समय बिल्कुल सही था. संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा शीर्ष खिलाड़ी हैं और हमें पता था कि वे कुछ खास करेंगे, और उन्होंने फाइनल में ऐसा ही किया.’ सैमसन (89) और अभिषेक (52) ने पावरप्ले में 92 रन और पहले विकेट के लिए में 98 रन जोड़े.
उन्होंने कहा, ‘संजू सैमसन से मेरी लगातार बात होती रहती थी. और उसने जो इतने वक्त से मेहनत की है वह नजर आता है. रही बात अभिषेक की तो मैंने उसे कहा था कि तू अगर लगातार 8 बार भी जीरो बनाएगा तो मेरे लिए फाइनल तू ही खेलेगा. वरुण से भी यही कहा था कि चार ओवर में 70 देने के बाद भी फाइनल में तू ही खेलेगा.’
फाइनल में अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 18 गेंद पर हाफ सेंचुरी बना दी. वह उस उम्मीद पर खरे उतरे जो उनसे जताई जा रही थी. उन्होंने भी फाइनल के बाद कहा, ‘कभी-कभी मुझे खुद पर शक होने लगता था लेकिन टीम मैनेजमेंट ने मेरा पूरा साथ दिया. और लगातार मेरा हौसला बढ़ाते रहे.’
T20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़े सभी ताजा अपडेट आप देख सकते हैं: https://www.cricketcountry.com/hi/icc-mens-t20-world-cup-2026/
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