Jaydev Unadkat: Hunger For India Comeback Never Been Stronger
Jaydev Unadkat @Instagram

तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट की अगुआई में सौराष्ट्र ने पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब पर कब्जा किया है. सौराष्ट्र और बंगाल के बीच खेला गया फाइनल मैच ड्रॉ हो गया लेकिन पहली पारी में बढ़त के आधार पर सौराष्ट्र विजेता बना. उनादकट का कहना है कि रणजी ट्रॉफी दिलाने के बाद भारतीय टीम में वापसी की उनकी बेताबी काफी बढ़ गई है.

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साथ ही उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि अब लोग सिर्फ उनके आईपीएल प्रदर्शन की ही बात नहीं करेंगे. टीम के मुख्य तेज गेंदबाज उनादकट ने इस में 67 विकेट हासिल किए लेकिन सबसे अहम बात यह है कि उन्होंने रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल और फाइनल में अपनी गेंदबाजी से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

उनादकट ने सौराष्ट्र को पहली ट्रॉफी दिलाने के बाद कहा, ‘मेरे अंदर अब भी वापसी की वही भूख है. यह बेताबी अब और ज्यादा बढ़ गयी है और यह मुझे पूरे सत्र में प्रोत्साहित करती रही. ईमानदारी से कहूं तो सत्र में शानदार खेलने के लिये शारीरिक रूप से काफी चुनौतियां रहीं. लगभग प्रत्येक मैच में तेज गेंदबाज के तौर पर इतने लंबे स्पैल फेंकना काफी चुनौतीपूर्ण रहा.’

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उन्होंने कहा, ‘मैं इस दौर को आगे जारी रखना चाहता हूं. मैं यहीं इसे खत्म नहीं करना चाहता. हां, हमने ट्राफी जीत ली और मैं इस समय दुनिया का सबसे खुश कप्तान हूं.’

28 साल का यह खिलाड़ी 2018 में भारत के लिए खेला था जो बांग्लादेश के खिलाफ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच था. वह 2010 में एकमात्र टेस्ट में खेले थे और 2013 में उन्होंने अपना अंतिम और कुल सातवां वनडे खेला था.

‘आईपीएल मेरे लिए काफी मायने रखता है’

उनादकट आईपीएल में राजस्थान रायल्स के मुख्य खिलाड़ी हैं, उन्हें नीलामी में दो बार काफी बड़ी राशि में खरीदा गया. उन्होंने कहा, ‘आईपीएल मेरे लिए काफी मायने रखता है. मैं कई खिलाड़ियों की तुलना में काफी कड़ी मेहनत कर रहा हूं. मेरे दिमाग में सिर्फ आईपीएल नहीं होता. हां, नीलामी होती है और लोग सिर्फ इसी के बारे में भी बात करते थे लेकिन मैं सचमुच रणजी ट्रॉफी जीतना चाहता था.’