Jaydev Unadkat: I still feel my time will come
Jaydev Unadkat © AFP

जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और उमेश यादव वाले शानदार भारतीय पेस अटैक के रहते बाकी तेज गेंदबाजों के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना काफी मुश्किल है। हालांकि जयदेव उनादकट को लगता है कि उनका समय जल्दी आएगा।

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सौराष्ट्र की कप्तानी रहे उनादकट ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, “ईमानदारी से कहूं तो फिलहाल जिन भी गेंदबाजों को मौके मिल रहे हैं वो सभी अच्छा कर रहे हैं। अगर आप देखें तो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ये तेज गेंदबाजों की सबसे अच्छी खेप है। इसलिए प्रतिद्वंदिता के मामले में इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है।”

उनादकट ने आगे कहा, “जिस तरह से मैं फिलहाल खेल रहा हूं, अगर इसी तरह से खेलता रहा तो निश्चित तौर पर मेरा समय आएगा। पहले जब भी मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था, मुझे मौका मिला था। और मुझे अब भी लगता है मेरा टाइम आना बाकी है। मैं अपने समय का इंतजार करूंगा। मैं एक समय पर एक चीज के बारे में सोच रहा हूं। फिलहाल मेरा सारा ध्यान सौराष्ट्र को मैच जिताने में लगा है।”

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मुश्ताक अली टूर्नामेंट के बाद उनादकट के सामने इंडियन प्रीमियर लीग की चुनौती है। 11वें सीजन में 11.5 करोड़ की कीमत पर राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए उनादकट को 12वें सीजन की नीलामी के दौरान भी राजस्थान फ्रेंचाइजी ने ही 8.4 करोड़ की बड़ी कीमत पर खरीदा है।

उनादकट पर एक बार फिर बड़ी राशि का दबाव है हालांकि वो ऐसा नहीं मानते। इस पर उन्होंने कहा, “सच कहूं तो वो (आईपीएल 2018) मेरा पहला साल था। इस बार के मुकाबले तब काफी ज्यादा शोर शराबा था। मुझे अब भी लगता है कि पिछले साल जो भी हुआ (खराब प्रदर्शन) उससे नीलामी की राशि का कोई लेना-देना नहीं था। हां, मैंने कई बार अपने आप से उम्मीद की थी लेकिन ये किसी के साथ भी हो सकता है।”

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उन्होंने आगे कहा, “पैसे के बावजूद भी जब भी मैं मैदान पर कदम रखूंगा तो दबाव होगा ही। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि मैं किस टीम के लिए खेलता हूं। सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए भी मुझ पर वही दबाव होता है। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो, मेरे दिमाग में बड़ी राशि की कोई बोझ नहीं है। मैं अपनी जगह पर खुश हूं। मैं अपने क्रिकेट का आनंद ले रहा हूं। मुझे अपने खेल से प्यार है।”