झूलन गोस्वामी: 1997 महिला विश्व कप ने मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया

भारतीय महिला टीम की सीनियर खिलाड़ी इस समय आईसीसी वनडे गेंदबाजों की रैंकिग में दूसरे स्थान पर हैं।

Edited By : Indo-Asian News Service |Aug 28, 2017, 08:56 PM IST

Published On Aug 28, 2017, 08:56 PM IST

Last UpdatedAug 28, 2017, 08:56 PM IST

झूलन गोस्वामी © Getty Images
झूलन गोस्वामी © Getty Images

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने सोमवार को कहा कि आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच 1997 में हुए विश्व कप फाइनल मुकाबले ने उन्हें क्रिकेट में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया था। वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज ने ‘एनडीटीवी यूथ फॉर चेंज’ कार्यक्रम में कहा, “1997 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमों के बीच विश्व कप फाइनल था और हमें स्कूल की ओर से कुछ टिकट मिले थे। मैंने मैच देखा और यह तय किया कि अगर मैं भी क्रिकेट शुरू करूं तो एक दिन मैं भी भारत के लिए खेल सकती हूं।”

झूलन ने भारत के लिए 164 वनडे मैचों में 195 विकेट लिए हैं। उनका औसत 21.95 का रहा है। साल 2007 में आईसीसी द्वारा साल की श्रेष्ठ महिला क्रिकेट खिलाड़ी चुनी जा चुकीं 34 साल की झूलन ने कहा कि 1992 पुरुष विश्व कप के बाद से क्रिकेट में उनकी रुचि बढ़ गई थी। उन्होंने कहा, “मैंने 1992 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की सहमेजबानी में हुए विश्व कप को देखा था और तब से मैं इस खेल की फैन हो गई थी। दुर्भाग्य से हमारे देश में उस समय क्रिकेट के अलावा कोई और खेल टीवी पर नहीं दिखाया जाता था। कभी खभी ईस्ट बंगाल में मोहन बगान के मैच दिखाए जाते थे या फिर हम ओलंपिक या फुटबाल विश्व कप के मैच देखने का इंतजार करते थे।” [ये भी पढ़ें: विदेशी दौरों पर जाएगी महिला भारत ‘ए’ क्रिकेट टीम]

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34 साल की क्रिकेटर ने 2007 में आईसीसी वीमेन प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब जीता था। झूलन बॉल गर्ल भी रह चुकी हैं। उन्होंने आगे कहा, “मैं बचपन से ही खेलों में रुचि रखती थी। मैं सभी खेल खेला और देखा करती थी। मैं अपनी आंटी के घर पर पली-बढ़ी हूं जहां मैं टेनिस गेंद से क्रिकेट खेला करती थी।” गोस्वामी इस समय आईसीसी वनडे गेंदबाजी की रैंकिग में दूसरे स्थान पर हैं।

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