Jhulan Goswami: If girls hold their nerve and play freely, there is no reason they can’t bring World Cup home
India women Team © Getty Images

वेस्टइंडीज में चल रहे आईसीसी महिला विश्व कप में भारतीय टीम ने लगातार तीन मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही खिताब जीतने की उम्मीदें और ज्यादा बढ़ गई हैं। अपनी कप्तानी में भारत को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा चुकी दिग्गज क्रिकेटर झूलन गोस्वामी का कहना है की अगर भारतीय टीम बिना किसी डर के आक्रामक होकर खेलती है तो वो विश्व कप जीत सकती हैं।

क्रिकबज में छपी खबर के मुताबिक गोस्वामी ने कहा, “आखिरी चार की स्टेज तक पहुंचना हमेशा ही अच्छा रहता है। टीम आत्मविश्वास से भरी लग रही है और हर खिलाड़ी ने अपना योगदान दिया है। जब आप सेमीफाइनल खेलते हैं तो दबाव तो रहता है है। अगर लड़कियां अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रख खुलकर खेल पाती हैं तो मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि क्यों वो विश्व कप घर नहीं ला सकती।”

टी20 से संन्यास ले चुकी इस सीनियर क्रिकेटर ने नए कोच रमेश पोवार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “जब से रमेश ने कोच पद संभाला है, उसने खिलाड़ियों को अपना स्वभाविक खेल खेलने की स्वतंत्रता दी है। लड़कियां निडर होकर क्रिकेटर खेल रही हैं। इस रवैये से टीम को बढ़ावा मिला है। रमेश ने इस बात का भी ध्यान रखा कि क्वालिफाइंग स्टेज के दौरान प्लेइंग इलेवन में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुए। इससे एक यूनिट के तौर पर सेट होने में काफी मदद मिली।”

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में तानिया भाटिया को बतौर सलामी बल्लेबाज भेजने के फैसले को झूलन ने साहसी बताया। उन्होंने कहा, “तानिया को कीवी टीम के खिलाफ मौका देना आश्चर्यजनक था। हालांकि मुझे लगता है कि मिताली को सलामी बल्लेबाजी जारी रखनी चाहिए, इससे टीम को स्थिरता मिलती है।”