Joe Root on controversial catch: I am not going to cheat
A front-on view of Joe Root's catch to remove Marnus Labuschagne.(Twitter)

लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे एशेज टेस्ट के आखिरी दिन चोटिल स्टीव स्मिथ की जगह बल्लेबाजी करने आए मार्नस लाबुशेन की अर्धशतकीय पारी ने खेल का रूख पलट दिया। लाबुशेन की 100 गेंदो पर 59 रनों की इस पारी ने इंग्लैंड के पक्ष से जीत छीनकर मैच ड्रॉ कराया।

लाबुशेन की ये पारी इंग्लैंड को और नुकसान पहुंचा पाती इससे पहले वो स्पिनर जैक लीच के ओवर में कप्तान जो रूट के हाथों कैच आउट हुए। 36वें ओवर की आखिरी गेंद पर रूट ने स्क्वायर लेग से आगे की तरफ डाइव लगाकर लबूशाने का कैच पकड़ा, जिसे फील्ड अंपायर ने तीसरे अंपायर की तरफ रिफर किया लेकिन सॉफ्ट सिग्नल आउट था।

रीप्ले में लग रहा था जैसे गेंद रूट के हाथ में आने से पहले जमीन पर लग चुकी थी लेकिन इंग्लिश कप्तान की शारीरिक भाषा दर्शा रही थी कि उन्होंने क्लीन कैच पकड़ा है। तीसरे अंपायर जो विल्सन को भी कैच में कोई गलती नजर नहीं आई और लाबुशेन को पवेलियन लौटना पड़ा। हालांकि सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर अंपायर और रूट की जमकर आलोचना हुई। जिसमें पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन सबसे आगे थे, उन्होंने तुरंत ट्वीट कर लिखा कि लाबुशेन नॉट आउट थे।

मैच ड्रॉ होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मामले पर सवाल पूछे जाने पर इंग्लिश कप्तान ने साफ कहा कि उन्होंने कोच चीटिंग नहीं की है। रूट ने कहा, “बतौर फील्डर अगर आपकी उंगलिया गेंद के नीचे होती हैं तो आपको साफ महसूस होता है। मैं एक ईमानदार शख्स हूं, स्थिति चाहे जो भी हो मैं चीटिंग नहीं करूंगा।”

रूट ने रीप्ले और स्लो मोशन तकनीकि की खामियों पर बात की। उन्होंने कहा, “आप स्लो मोशन में देखते हैं और चीजें पहले से और खराब दिखने लगती हैं। ये निराशाजनक है कि जब ये धीमा होता है और लोग आपकी ईमानदारी पर सवाल उठाने लगते है। हम एक तरीके का क्रिकेट खेलते हैं और वही सही तरीका है।”

दूसरा मैच ड्रॉ होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया टीम 1-0 से सीरीज में आगे बनी हुई है। एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट 22 अगस्त से लीड्स में खेला जाएगा।