joe root on ollie robinson tweets these kind of things are totally unacceptable
ऑली रॉबिन्सन @ICCTwitter

हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले युवा तेज गेंदबाज ऑली रॉबिन्सन खासा चर्चा में हैं. रॉबिन्सन ने अपने डेब्यू टेस्ट में शानदार ऑलराउंड खेल दिखाया. इस मैच में उन्होंने 7 विकेट भी चटकाए और बल्ले से 42 रन का अहम योगदान भी दिया. लेकिन उनके चर्चा में आने का कारण उनका खेल नहीं बल्कि पुराने ट्वीट हैं, जो कि नस्लवादी और लैंगिक भेदभाव भरे ट्वीट थे. इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) ने कहा कि ऐसी चीजें पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ हैं. लेकिन इस नए खिलाड़ी को ‘वास्तव में इसका पछतावा’ है.

लॉर्ड्स में अपने डेब्यू के पहले ही दिन बुधवार को रॉबिनसन के 2012-13 में किए गये ट्वीट सामने आए थे. हालांकि रॉबिनसन ने अपने इन विवादित ट्वीट के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी थी. रूट ने पहले टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद कहा, ‘मैदान के बाहर जो भी हुआ वह कहीं से हमारे खेल में मान्य नहीं है.. हम सभी को यह पता है. उसने ड्रेसिंग रूम में इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा. उसने आप लोगों और मीडिया से भी बात की और अपने किए पर पछतावा जताया.’

कप्तान ने कहा, ‘उस समय से उन्होंने बहुत पश्चाताप दिखाया. आप देख सकते हैं कि वह समूह और टीम के आसपास कैसा रहा है. यह बहुत वास्तविक है.’ उन्होंने कहा कि वह शुरू में चौंक गए थे और उन्हें यह पता नहीं था कि इस पर कैसे प्रतिक्रिया दें.

उन्होंने कहा, ‘मैं व्यक्तिगत रूप से उन (ट्वीट) पर विश्वास नहीं कर सका. मैं वास्तव में नहीं जानता था कि इस पर कैसी प्रतिक्रिया दी जाए. मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑली इस ड्रेसिंग रूम का हिस्सा है और हमें उसका समर्थन करना था. हमें उसे सीखने और समझने का मौका देने की कोशिश करनी चाहिए.

रूट ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह हमारे खेल के भीतर सभी के लिए एक बड़ा सबक है.’ इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने रॉबिनसन के द्वारा 2012-13 में किए गए भेदभावपूर्ण ट्वीट की जांच लंबित रहने तक उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित कर दिया है. लॉर्ड्स टेस्ट के बाद ही उन्हें तत्काल टीम से बाहर जाने का भी निर्देश दे दिया गया.

(इनपुट: भाषा)