इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) का कहना है कि कोरोनावायरस प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। आर्चर ने बताया कि प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद उनपर लगे एक मैच के बैन के बाद उनकी मानसिक स्थिति पर भी काफी प्रभाव पड़ा है।

ईसीबी ने 25 साल के आर्चर को कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के लिए बैन कर लिया था। इस दौरान आर्चर को सेल्फ आइसोलेशन में रखा गया और उन्हें दो बार कोविड-19 टेस्ट देना पड़ा।

आर्चर के दोनों टेस्ट निगेटिव आने के बाद अब वो तीसरे टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध हैं। लेकिन इस तेज गेंदबाज के मुताबिक वो मैच में हिस्सा लेने के पहले मानसिक तौर पर 100 प्रतिशत तैयार रहना चाहेंगे।

डेली मेल के अपने कॉलम में आर्चर ने कहा, “मुझे मानसिक तौर पर 100 प्रतिशत ठीक होना होगा ताकि मैं अगले हफ्ते अपने आपको खेल में उतार सकूं। अगर मैं खेलता हूं और 90 की गति के गेंदबाजी नहीं कर पाता तो ये खबर बन जाएगी। अगर मैं लंबे समय तक 90 की गति से गेंदबाजी नहीं कर पाता तो वो भी खबर बनेगी।”

आर्चर का कहना है कि अगर वो वापसी नहीं कर पाते हैं तो भी इंग्लैंड टीम के पास कई बेहतरीन गेंदबाज हैं। उन्होंने कहा, “मैं जब भी मैदान पर उतरूंगा अपना 100 प्रतिशत दूंगा और जब तक मैं ये निश्चित नहीं कर पाता हूं मैं मैदान पर नहीं उतरूंगा।”