कैरेबियाई मूल के इंग्लिश क्रिकेटर जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) को बायो सिक्योर बबल का प्रोटोकॉल तोड़ने पर सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।

दरअसल कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए इंग्लैंड-वेस्टइंडीज सीरीज पूरी तरह से बायो सिक्योर वेन्यू के अंदर खेली जा रही हैं। लेकिन सीरीज के पहले मैच के बाद आर्चर ने इस बबल ने निकलकर अपने घर जाने की गलती कर दी, जिसके लिए उन्हें दूसरे टेस्ट मैच से बाहर कर दिया गया था।

डेली मेल के अपने कॉलम में आर्चर ने लिखा, “पिछले कुछ दिनों से मुझे इंस्टग्राम पर जो आलोचना झेलनी पड़ रही है, उसमें काफी नस्लीय टिप्पणियों शामिल हैं। और मैंने ये फैसला किया है कि अब बहुत हो गया है।”

उन्होंने लिखा, “जब क्रिस्टल पैलेस के फुटबॉलर विलफ्राइड जाहा को एक 12 साल के बच्चे ने ऑनलाइन अपशब्द कहे, मैंने वहीं पर सीमारेखा खींचने का फैसला किया और मैं किसी को भी बचकर निकलने नहीं दूंगा। इसलिए मैंने अपनी शिकायत ईसीबी को भेज दी है और वो आगे की प्रक्रिया करेंगे।”

बायो सिक्योर बबल प्रोटोकॉल तोड़ने की वजह से मैनचेस्टर टेस्ट से बाहर होने पर आर्चर काफी मुश्किलों से गुजरे। उन्होंने बताया कि सेल्फ आइसोलेशन के दौरान वो काफी हताश महसूस कर रहे थे।

उन्होंने लिखा, “मुझे लग रहा था कि मैं नेट में वापस गेंदबाजी शुरू करने के लिए प्रेरित नहीं हो पा रहा था। जब मैं कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद सेल्फ आइसोलेशन अवधि पूरा करने के बाद कमरे से बाहर निकला तो मैं जहां भी जा रहा था वहां कैमरे थे। इस पूरे दृश्य ने मुझे बेचैन किया। मुझे पता है कि मुझसे गलती हुई और मैंने उसके परिणाम भी भोगे। मैंने कोई अपराध नहीं किया था। और मैं केवल फिर से पहले जैसा महूसस करना चाहता था।”

आर्चर ने आगे कहा, “मैंने अपनी स्थिति के बारे में डॉक्टर से बात की और सोमवार रात बेन स्टोक्स से भी बात की। बेन ने मुझे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की स्पॉटलाइट के बीच रहने को लेकर सलाह दी। उन्होंने मुझे समर्थन करने का वादा किया। अब मुझे मानसिक तौर पर 100 प्रतिशत तैयार होना है ताकि मैं खुद को फिर से क्रिकेट मे लगा सकूं।”