कोविड-19 महामारी से दुनिया में अब तक लगभग 27 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 6 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं. भारत में इस संक्रमण से 19 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 900 लोग इससे संक्रमित हैं. देश में इस वायरस पर जीत हासिल करने के लिए 21 दिन का लॉकडाउन है. भारत में लॉकडाउन के कारण खिलाड़ी अभ्यास के लिए बाहर भी नहीं जा सकते. टीम इंडिया के पूर्व फिजियोथेरेपिस्ट जॉन ग्लॉस्टर को लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों को कोविड-19 महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान ट्रेनिंग के लिए जगह की कमी हो रही है जो उनके लिए शारीरिक रूप से नुकसानदायी हो सकती है.

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पूरी दुनिया में खिलाड़ी अलग रह रहे हैं जिसमें काफी क्रिकेटर भी शामिल हैं जिनमें से इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और जोस बटलर ने अपने घर में वर्जिश की वीडियो साझा की हैं.

ग्लॉस्टर ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की तुलना में भारतीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए जगह की काफी कमी हो रही है. यहां जगह की काफी समस्या है. मैंने ब्रिटेन में खिलाड़ियेां के काफी वीडियो देखें हैं जिसमें उनके खुद के जिम हैं, उनके पास काफी जगह है और मुझे लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों को शायद यहीं नुकसान होगा.’

भारतीय टीम के साथ 2005 से 2008 तक काम कर चुके ग्लॉस्टर ने कहा, ‘द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह शायद पहली बार होगा जब हर क्रिकेटर मैच फिटनेस के लिहाज से एक ही जगह से शुरूआत करेगा. हर कोई बिना मैच फिटनेस के टूर्नामेंट में प्रवेश करेगा जिससे चोटों का जोखिम भी बढ़ेगा क्योंकि सभी खिलाड़ियों से हमेशा 100 प्रतिशत होने की उम्मीद की जाती है.’

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कोरोनावायरस के कारण भारत दौरे पर आई दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम 3 मैचों की वनडे सीरीज बीच में ही छोड़कर स्वदेश लौट गई. इसकी वजह से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2020 को भी 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है.