Johnny Mullagh becomes First Aboriginal player into Australian Cricket Hall of Fame
Jonny Mulagh @twitter

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पहले विदेशी दौरे पर कप्तानी करने वाले जॉनी मुलाग को ऑस्ट्रेलियाई हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। वह हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले स्थानीय आदिवासी मूल के पहले खिलाड़ी हैं। मुलाग विदेशी दौरे पर जाने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान थे। उनकी अगुवाई में 1868 में टीम ने ब्रिटेन का दौरा किया था।

मुलाग का असली नाम उनारिमिन था और उन्होंने 1868 में क्षेत्रीय टीम का नेतृत्व किया था। इस दौरे में उन्होंने 47 में से 45 मैच खेले थे तथा लगभग 23 की औसत से 1698 रन बनाये थे।

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उन्होंने 1877 ओवर भी किये जिसमें से 831 ओवर मेडन थे तथा 10 की औसत से 245 विकेट लिये। अपने करियर में उन्होंने कामचलाऊ विकेटकीपर की भूमिका भी निभायी और चार स्टंपिंग की।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम के अध्यक्ष पीटर किंग ने कहा, ‘जॉनी मुलाग और स्थानीय आदिवासियों की टीम ने 1868 में भविष्य के ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए विश्व स्तर पर अपने कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मार्ग प्रशस्त किया।’

उन्होंने कहा, ‘असमानता के उस युग में टीम का प्रदर्शन उनकी कहानी को और भी उल्लेखनीय और मान्यता देने का योग्य बनाता है।’

किंग ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट इतिहास और राष्ट्रीय पहचान में योगदान के लिए जॉनी मुलग को सम्मानित करने पर गर्व है।’

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर (बॉक्सिंग डे) से शुरू हुए दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मैन ऑफ द मैच) को जॉनी मुलाग पदक से सम्मानित किया जाएगा।