सुरेश रैना भारतीय टीम के बेहतरीन फील्डर्स में से एक हैं। © Getty Images
सुरेश रैना भारतीय टीम के बेहतरीन फील्डर्स में से एक हैं। © Getty Images

क्रिकेट की शुरूआत से बल्लेबाजी और गेंदबाजी को ही खेल में अहम माना जाता था पर बीतते समय के साथ फील्डिंग का महत्व भी खिलाड़ियों की समझ में आ गया। मैच में हर एक रन कितना अहम होता है यह बात क्रिकेटर्स को समझाने में सबसे बड़ा हाथ रहा है साउथ अफ्रीका के जॉन्टी रॉड्स का, जिनके हाथों से कोई गेंद बची नहीं। जॉन्टी अब तक के सबसे बेहतरीन फील्डर माने जाते हैं। फील्ड पर उनकी मौजूदगी को हर समय आप देख सकते थे। उनकी फुर्ती देखकर ऐसा लगता था मानो एक ही समय पर वह पूरे मैदान पर मौजूद हों। इस समय जॉन्टी रॉड्स भारत में आईपीएल की तर्ज पर जूनियर आईपीएल की शुरूआत करने जा रहे हैं जिससे युवाओं को अपनी योग्यता दिखाने के लिए एक मंच मिलेगा। जानिए क्या है हार्दिक पंड्या के बचपन का सपना

इस टूर्नामेंट के सिलेक्शन कैंप के दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मौजूदा समय में फील्डिंग की अहमियत और अपने पसंदीदा फील्डर के बारे में बताया। रॉड्स ने कहा ” मैं सारी दुनिया का फील्डिंग कोच हूं। मैं सबसे अच्छा फील्डर था क्योंकि मैं अकेला फील्डर था, कोई ओर था ही नहीं। नंबर वन बनना आसान होता है जब दूसरे या तीसरे स्थान पर कोई प्रतियोगी हो ही ना। आज के समय में खासकर के टी20 में खिलाड़ियों को एक रन बचाने की अहमियत समझ में आने लगी है। इसलिए मैं मुंबई इंडियन्स के अपने खिलाड़ियों को यही कहता हूं कि ‘एक रन केवल एक रन’ मेरे लिए सिर्फ एक रन बचाकर दिखाओ। रॉड्स आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच हैं और इस दौरान सचिन तेंदुलकर के साथ काम करने का अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा “सचिन को खेलते देखना वाकई शानदार होता है जब तक वह आपके खिलाफ न खेल रहा हो। वह बाकी खिलाड़ियों को से काफी अलग है। आईपीएल में उसके साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा। सचिन की वजह से ड्रेसिंग रूम का माहौल खुशनुमा और सकारात्मक रहता है।” वहीं उन्होंने सुरेश रैना को मौजूदा समय में अपना सबसे पसंदीदा खिलाड़ी बताया। रॉड्स ने कहा “सुरेश रैना मेरा सबसे पसंदीदा फील्डर है। विराट हालांकि काफी फुर्तीला और तेज है पर कप्तान होने के नाते उसका ध्यान मैदान पर और कई सारी चीजों पर रहता है। वहीं रैना को देखकर मुझे अपनी याद आती है। अगर में इस समय का कोई युवा खिलाड़ी होता और मुझे फील्डिंग रोल मॉडल चुनना होता तो मैं रैना को ही चुनता।” अब इस नई भूमिका में नजर आएंगे भुवनेश्वर कुमार

आईजीपीएल की शुरूआत करने का सबसे बड़ा मकसद भारत के छोटे शहरों से युवा प्रतिभाओं को खोजना है। 22 शहरों के खिलाड़ियों इसमें भाग लेंगे और यह टूर्नामेंट चार टीमों के बीच खेला जाएगा। रॉड्स इसके सिलेक्शन कैंप का हिस्सा हैं, रॉड्स का कहना है कि वह हमेशा ही यह जानने के लिए उत्सुक रहते थे कि भारतीय टीम में इतने बेहतरीन खिलाड़ी आखिर कहां से आते हैं। क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह एक अच्छा अवसर है अपनी योग्यता तो दुनिया के सामने लाने का।