Josh Hazlewood: We’ll see how Jason Roy goes in Test cricket
जोश हेजलवुड © Getty Images

इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने इंग्लिश सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय को सीमित ओवर फॉर्मेट से टेस्ट क्रिकेट में आना उनके लिए मुश्किल हो सकता है।

हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में डेब्यू करने वाले रॉय से इंग्लैंड टीम को काफी उम्मीदें हैं। इंग्लिश कोच ट्रेवर बेलिस को उम्मीद है कि ये खिलाड़ी दिग्गज एलिस्टर कुक के संन्यास के बाद से शुरू हुई शीर्ष क्रम बल्लेबाजी की समस्या को हल कर सकता है। आयरलैंड के खिलाफ मैच में मुश्किल पिच पर अर्धशतक जड़ रॉय ने उम्मीद जरूर जगाई है लेकिन अभी उनके सामने लंबा रास्ता है।

रॉय के बारे में हेजलवुड ने कहा, “हम देखेंगे कि वो टेस्ट क्रिकेट में क्या करता है। उसने केवल एक टेस्ट मैच खेला है और टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी करना वनडे से कहीं अलग है। इंग्लैंड सलामी बल्लेबाजी करने के लिए शायद दुनिया की सबसे मुश्किल जगह है और ये बात एलिस्टर कुक के रिकॉर्ड्स को और शानदार बनाती है। इन हालातों में आक्रामक क्रिकेट खेलना मुश्किल है।”

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ऑस्ट्रेलिया के एशेज स्क्वाड हेजलवुड के साथ मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस, माइकल नेसेर, जेम्स पैटिंसन और पीटर सिडल जैसे तेज गेंदबाज हैं। ऐसे में कंगारू टीम पहले टेस्ट के लिए कैसा पेस अटैक चुनती है, ये देखना दिलचस्प होगा। हेजलवुड का कहना है कि सभी पेसर्स का आपस में अच्छा तालमेल है इसलिए जिसे भी प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा वो अच्छा ही खेलेगा।

हेजलवुड ने कहा, “हम एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं, हम साथ में अभ्यास करते हैं चाहे पैटिंसन हो, सिडल हो या माइकल नेसेर। हम एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं, मेरा मानना है कि उन्हें और अच्छी तरह से जानने का सबसे अच्छा तरीका है उनके साथ खेलना। पिछले कुछ सालों में मैं ‘पैटो’ के साथ काफी क्रिकेट खेला हूं इसलिए मैं उसे काफी अच्छी तरह जानता हूं और मैदान पर उसकी तकनीकि को समझता हूं। पीटर के साथ भी ऐसा ही है। मुझे नहीं लगता कि इस बात से फर्क पड़ता है कि कौन खेलेगा, हम एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं।”

‘तेज गेंदबाजों के छह हफ्ते में पांच टेस्ट खेलने का प्रभाव पूरी सीरीज पर पड़ेगा’

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने हाल ही में बयान दिया था कि आगामी एशेज सीरीज में तेज गेंदबाजों के पर काफी कुछ निर्भर करेगा। किस टीम के पेसर पांच मैच खेलेंगे और टीम मैनेजमेंट वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उन्हें कैसे रोटेट करेगा ये सब बातें सीरीज के दौरान काफी मायने रखेंगी।

हेजलवुड भी इससे सहमत है, वो एशेज सीरीज के सारे टेस्ट मैच खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सारे पांच टेस्ट खेलना अच्छी कोशिश होगी, खासकर कि तब जबकि पिछले दो सालों में मैंने चोट की वजह से जो मैच मिस कर दिए। मैं तीन या चार मैच खेलकर भी खुश रहूंगा। शेड्यूल काफी व्यस्त है।”