Junior umpires given precedent for Ranji Trophy tournament, says CAB
Sourav Ganguly © IANS

भारत में इस वक्‍त चार दिवसीय घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2018-19 खेला जा रहा है। सोमवार से दूसरे राउंड के मैचों की शुरुआत हो गई है। इसी बीच क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) का कहना है कि रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के दौरान अंपायरों के सिलेक्‍शन में भेदभाव किया गया है। सीएबी की तरफ से कहा गया कि पांच सीनियर रैंक के अंपायर बंगाल से आते हैं, इसके बावजूद भी बोर्ड ने निचले रैंक के अंपायरों को रणजी ट्रॉफी और अन्‍य घरेलू टूर्नामेंट के लिए चुना है।

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सीएबी के सचिव अविषेक डालमिया की तरफ भेजे गए ई-मेल में बीसीसीआई से कहा गया, “जिस तरह से दिसंबर में मैचों के लिए अंपायरों की पोस्टिंग की गई है उसे देखते हुए मैं ये ई-मेल भेजने के लिए विवश हो गया हूं। बीसीसीआई अंपायरों की रैंकिंग निर्धारित करती है। 1 से 4 रैंक वाले अंपायर को रणजी ट्रॉफी में अंपायरिंग का मौका दिया गया। पांच से 32 रैंक वाले अंपायरों पर विचार नहीं किया गया। हैरानी की बात है कि 33 से 35 रैंक वाले अंपायरों को भी रणजी ट्रॉफी ग्रुप सी में अंपायरिंग का मौका दिया गया है। दुख की बात ये है कि पांच से 32 रैंक वाले अंपायरों की जगह 33 से 35 रैंक वाले अंपायरों को रणजी में मौका दिया गया।”

मेल में कहा गया, “रणजी क्रिकेट में अंपायरिंग का हर किसी का सपना होता है। हमारे पांच वरिष्‍ठ अंपायर इससे उपर की श्रेणी में आते हैं। फिर भी उन्‍हें मौका नहीं दिया गया। ई-मेल में अनुरोध किया गया कि इस गलती को सुधारा जाए।”बीसीसीआई के जीएम सबा करीम ने इसपर कहा, “मुझे इस बाबत पत्र मिला है। मैं इसपर विचार करूंगा। मैं देखूंगा कि ऐसा क्‍यों किया गया है और फिर इसका जवाब दूंगा।”