शशांक मनोहर वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष हैं © Getty Images
शशांक मनोहर वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष हैं © Getty Images

पिछले साल बीसीसीआई में भ्रष्टाचार की निगरानी के लिए गठित की गई लोढ़ा समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। समिति ने जिन सिफारिशों के बारे में इस रिपोर्ट में जिक्र किया है उसके बारे में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जानकारी दी। लोढ़ा समिति ने सिफारिश की है कि बीसीसीआई राष्ट्रीय संस्था है और इसमें केवल कुछ ही राज्यों की हिस्सेदारी नहीं होनी चाहिए। समिति ने आगे सिफारिश की है कि देश के अमूमन सभी राज्यों में अलग से क्रिकेट संस्थान हों और उन्हें क्रिकेट बोर्ड में वोट डालने का अधिकार हो। सिफारिशों के बारे में बताते हुए जस्टिस लोढ़ा ने बताया, “वर्तमान समय में बीसीसीआई में कुल 34 संस्थाएं सदस्य के रूप में पंजीकृत हैं। इनमें से कुछ ऐसी हैं जिनके पास भू-भाग ही नहीं है जैसे सर्विस, रेलवे। कुछ ऐसी संस्थाएं भी हैं जो टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेती जैसे नेशनल क्रिकेट क्लब कोलकाता। कई ऐसे राज्य हैं जिनमें एक से अधिक क्रिकेट संस्थाएं हैं जैसे गुजरात और महाराष्ट्र। एक राज्य मेंएक प्रतिनिधि हो, यह अच्छा विचार है।” ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया के धरती पर नाथन लियोन ने पूरे किये अपने 100 टेस्ट विकेट

जस्टिस लोढ़ा ने आगे बताया कि उन्होंने सिफारिश की है कि बीसीसीआई की काउंसिल में एक महिला सदस्य हो। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में 9 सदस्य हों। सीएजी ऑफिस से भी एक सदस्य हो। 5 सदस्य वोटिंग के जरिए चुने जाएं। 2 सदस्य आईपीएल फ्रेंचाइजी के हों। इंग्लैंड-दक्षिण अफ्रीका दूसरा टेस्ट: टेस्ट मैच के दूसरे दिन इंग्लैंड ने लगाया रनों का अंबार, दक्षिण अफ्रीका 141/2

जस्टिस लोढ़ा समिति के द्वारा की गई अन्य सिफारिशें निम्न हैं।

1. आईपीएल तथा नॉन-आईपीएल क्रिकेट गतिविधियों के लिए दो एक्ज़ीक्यूटिव बॉडी होनी चाहिए।
2. इतिहास में पहली बार बीसीसीआई में खिलाड़ियों की एसोसिएशन भी बनेगी, लेकिन यूनियन नहीं होगी।
3. प्रबंधन (मैनेजमेंट) और प्रशासन (गवर्नेन्स) को अलग-अलग होना चाहिए।
4. एक राज्य में एक क्रिकेट संघ हो।
5. सभी को वोट देने का हक हो।
6. खिलाड़ियों के हित को ध्यान रखा जाए।
7. टेस्ट क्रिकेटर ही चयनकर्ता बनें।
8. टीम चयन और कोचिंग पूर्व क्रिकेटर करें।
9. देश में क्रिकेट को क्रिकेटर ही चलाएं।
10. राज्य संघ में पूर्व क्रिकेटर शामिल हो।
11. फिक्सिंग रोकने के लिए उठाएं कदम।
12. आरटीआई के दायरे में हो बीसीसीआई।
13. मंत्री-अफ़सर बीसीसीआई में न हों।
14. सट्टेबाज़ी को वैध बनाने का सुझाव।
15. बीसीसीआई की स्वायत्तता बनी रहे।

16. सट्टेबाजी वैध हो।