Justin Langer reveals how Sir Don Bradman helped him overcome weakness
जस्टिन लैंगर (Getty Images)

बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट को उसके सबसे बुरे दौर से निकालने वाले जस्टिन लैंगर कंगारू टीम के कोच बनने से पहले ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक थे।

90 के दशक की घातक ऑस्ट्रेलिया टीम का हिस्सा रहे लैंगर ने अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए 105 टेस्ट मैचों में 45.27 की औसत से 7,696 रन बनाए हैं। हालांकि लैंगर को भी अपने करियर के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, खासकर कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ, जिसका हल निकालने के लिए वो सीधे दिग्गज सर डॉन ब्रैडमेन के पास पहुंचे।

क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बातचीत में ऑस्ट्रेलियाई कोच ने बताया कि उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेलने में हो रही परेशानी को खत्म करने के लिए सर ब्रैडमेन को खत लिखकर उनसे मदद मांगी।

लैंगर ने अपने खत में लिखा था ‘चूंकि कि मैं मुख्य रूप से बैक-फुट का खिलाड़ी हूं, तो मैं ये जानना चाहता हूं कि क्या आपके पास मीडियम-पेस गेंदबाजों के खिलाफ खेलने पर कोई विचार है’

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पूर्व ऑस्ट्रेलिया दिग्गज ब्रैडमेन ने लैंगर के खत का जवाब भी दिया था। उन्होंने लिखा था ‘तुम ये कहकर मुझे शर्मिंदा कर रहे हो कि मुझ जैसा 80 साल का बूढ़ा क्रिकेट में तुम्हारी मदद कर सकता है। मैंने कोई खास सावधानी नहीं बरती, केवल एक साधारण जिंदगी जी और सिगरेट-शराब नहीं पी’

उन्होंने आगे लिखा, “आप खास तौर पर मीडियम पेसर गेंदबाजों के खिलाफ समस्या का उल्लेख करते हैं। उनके खिलाफ, मैं गेंद आने से ठीक पहले हमेशा थोड़ा पीछे और तिरछा जाकर खेलता था। वास्तव में, मेरी बल्लेबाजी का मुथ्य आधार पीछे खेलना था क्योंकि इससे आपको आगे खेलने वाले बल्लेबाजों के मुकाबले कई सारे शॉट्स खेलने का लचीलापन और पहल करने की छूट मिलती है।’

ब्रैडमेन का खत मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया के बारे में लैंगर ने कहा, “अच्छी तकनीकि सलाह देने के साथ साथ, सर डोनल्ड ने वो हमेशा मजे करने के लिए खेलते थे क्योंकि उन्हें क्रिकेट से प्यार था। उनका वो खत आज भी मेरी स्टडी टेबल पर एक क़ीमती स्मृति की तरह रखा है। मैं जब भी घर पर होता हूं तो उसे देखता हूं।”