पांच टेस्ट मैचों में 60 अंक लेकर अंकतालिका में छठें नंबर पर मौजूद न्यूजीलैंड टीम के कप्तान केन विलियमसन इस सीरीज के आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट सिस्टम से खुश नहीं हैं।

विलियमसन ने कहा, “ये दिलचस्प है। मुझे नहीं लगता कि ये सही है, लेकिन टेस्ट में प्रतिस्पर्धा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं जो पहले नहीं थे। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप सही दिशा में उठाया गया कदम है। ये परफेक्ट नहीं है लेकिन पहले साल या दो साल बाद इसे बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। मुझे यकीन है कि आने वाले समय में इसका बेहतर रूप देखने को मिलेगा।’’

कैसी है आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की अंक प्रणाली

टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट सिस्टम के मुताबिक एक सीरीज में कितने भी मैच हों, टीम को अधिकतम 120 अंक ही मिलेंगे। इसके अनुसार भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली दो मैचों की सीरीज में हर मैच में जीतने पर 60 अंक दिए जाएंगे। वहीं एशेज में एक टेस्ट जीतने पर 24 ही अंक मिलेंगे क्योंकि उसमें पांच मैच होते हैं।

सिर्फ बुमराह नहीं बल्कि इशांत सहित अन्य भारतीय गेंदबाजों से भी रहना होगा सावधान : रॉस टेलर

विलियमसन अकेले नहीं हैं जिन्हें ये सिस्टम नापसंद हैं। कीवी बल्लेबाज रॉस टेलर ने भी अपने कप्तान से सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘अंक व्यवस्था के साथ शुरूआती दौर में कुछ दिक्कतें हैं लेकिन इसने टेस्ट में प्रतिस्पर्धा तो शुरू की है। ये आदर्श नहीं है लेकिन पहले की स्थिति से कही बेहतर है।’’

मेरे और विराट कोहली के विचार एक जैसे

वेलिंगटन में होने वाले टेस्ट मैच से पहले विलियमसन ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के बारे में बात की और बताया कि इन दो खिलाड़ियों की मानसिकता काफी मिलती जुलती है। विलियमसन ने कहा, “हमारा तरीका अलग है लेकिन सोच ऐसे कप्तान की है जो अपने प्रतिस्पर्धी रवैये के साथ अगुवाई करता है।’’

विलियमसन और कोहली अंडर 19 दौर से एक दूसरे के खिलाफ खेल रहे हैं। जूनियर विश्व कप 2008 में भी सेमीफाइनल में वे एक दूसरे के सामने थे जो कोहली की टीम ने जीता। इसके 11 साल बाद सीनियर विश्व कप सेमीफाइनल में जीत विलियमसन के नाम रही। विलियमसन ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से विराट का कायल रहा हूं जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।’’