न्यूजीलैंड में विश्व कप खेल रही अंडर-19 भारतीय टीम के स्टार गेंदबाज कार्तिक त्यागी (Kartik Tyagi) ने बताया कि कैसे एक इंजरी ने उनके करियर को मुश्किल में डाल दिया था। उत्तर प्रदेश के रहने वाले त्यागी ने अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina) और प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) के योगदान को भी याद किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इस युवा खिलाड़ी ने कहा, “मैच के दिन वार्म-अप के दौरान फुटबॉल खेलते समय मेरा पैर फ्रैक्चर हो गया था। फिर मेरी पेल्विक हड्डी में इंजरी हो गई।”

बता दें कि कार्तिक को ये चोट दो साल पहले रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के दौरान लगी थी। गौरतलब है कि इस इंजरी से उबरने के बाद कार्तिक ने वार्म-अप में फुटबॉल खेलना ही बंद कर दिया। इस चोट ने त्यागी के ठीक से शुरू भी ना हो पाए करियर को मुश्किल में डाल दिया। उनके पिता ने धनौरा गांव की अपनी 2.5 एकड़ जमीन बेचकर कार्तिक को हरसंभव मदद दिलाई।

इस पर कार्तिक ने कहा, “मेरे इलाज के बाद हमारे पास पैसे नहीं बचे थे। पांच महीनों के बाद मैंने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से मुझे नेशनल क्रिकेट अकादमी भेजे जाने की मांग की। मुझे दोबारा क्रिकेट खेलने के लिए 6 महीने लग गे और तब तक मेरे पिताजी ने अपनी सारी जमीन बेच दी थी।”

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हालांकि कार्तिक और उनके परिवार को उनकी इस मेहनत का फल मिला, जब इंडियन प्रीमियर लीग 2019 की नीलामी के दौरान राजस्थान रॉयल्स ने कार्तिक को 1.3 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया।

सुरेश रैना-प्रवीण कुमार ने किया मार्गदर्शन

यूं को कार्तिक भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के प्रशंसक हैं लेकिन यूपी के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने के दौरान सुरेश रैना और प्रवीण कुमार ने उनका काफी मार्गदर्शन किया। इन दो सीनियर खिलाड़ियों के बारे में कार्तिक ने कहा, “जब मैं अंडर-16 लेवल पर खेल रहा था तो मुझे रणजी कैंप में भेजा गया। वहां, सुरेश रैना और पीके भइया को मेरी गेंदबाजी पसंद आई और उन्होंने मुझे खेलने का फैसला किया।”

उन्होंने कहा, “पीके भाइया उस मैच में नहीं खेलने वाले थे लेकिन मेरी मदद करने के लिए वो खेले। मैं रैना और पीके भइया, दोनों का शुक्रगुजार हूं कि वो मिड-ऑन, मिड-ऑफ पर फील्डिंग कर रहे थे ताकि वो पूरे मैच के दौरान मेरा मार्गदर्शन कर सकें। मैं ब्रेट ली की तरह गति पर ज्यादा ध्यान देता हूं। पीके भइया हमेशा कहते थे कि विकेट लेने के लिए अपने दिमाग का इस्तेमाल करो। और अब मैं यही करता हूं- हर समय बल्लेबाज को आउट करने के बारे में सोचता हूं।”