केदार जाधव और हार्दिक पांड्या  © IANS
केदार जाधव और हार्दिक पांड्या © IANS

इंग्लैंड के खिलाफ केदार जाधव ने अपने बल्ले से जमकर धमाल मचाया। जाधव ने जहां पहले मैच में टीम इंडिया को अप्रत्याशित जीत दिलाई तो तीसरे मैच में उन्होंने लगभग हारे हुए मुकाबले में अंत तक लड़ाई जारी रखी और भारत को जीत के मुहाने तक ले गए। लेकिन अफसोस वह भारत को जीत नहीं दिला सके। इसके बावजूद भी जाधव की पारी की सभी ने सराहना की और उन्होंने सबका दिल जीत लिया। सीरीज में केदार जाधव को मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से भी नवाजा गया।

मैच में जीत ना दिला पाने पर केदार जाधव ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि मैं सभी छह गेंदों को खेलने की कोशिश कर रहा था। मुझे पता था कि अगर मैं बड़े शॉट के लिए जाऊंगा और गेंदों को बाउंड्री के बाहर मारूंगा तो इससे गेंदबाजों पर दबाव आएगा। लेकिन मैं इस स्थिति में नहीं था कि मैं हर गेंद पर बड़े शॉट लगा पाता। यही वजह है कि मैं शॉट को मिसटाइम कर गया। मुझे इसका बेहद अफसोस है।

उन्होंने आगे कहा कि बात यह है कि जब मैं टीम में आया था तो मैं महेंद्र सिंह धोनी के साथ बहुत ज्यादा समय गुजारता था। इससे मैंने चुनौतीपूर्ण स्थितियों में शांतिपूर्ण सामना करना सीखा। मैं ज्यादा से ज्यादा देर तक विकेट में टिकना चाहता था। मुझे पता था कि अगर मैं टिका रहा तो रन अपने आप ही बनते रहेंगे। यही बात मैंने हार्दिक को भी बताई थी। यदि हम अंत तक खेलेंगे तो हम जीतेंगे। मुझे बहुत खुशी होती अगर हम ये मैच जीत गए होते लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। मै भविष्य में और सुधार करने की पूरी कोशिश करूंगा। ये भी पढ़ें: चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारतीय टीम को इन कमजोरियों को करना होगा दूर

आपको बता दें कि जाधव ने शानदार खेल दिखाते हुए तीसरे मैच में मात्र 75 गेंदों में शानदार 90 रनों की पारी खेली। इस दौरान जाधव ने 12 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का लगाया। जाधव के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से भी नवाजा गया।