कीमार रोच  © AFP
कीमार रोच © AFP

इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज तीसरे टेस्ट मैच में पांच विकेट हॉल लेने वाले कीमार रोच को एक समय ऐसा लगता था कि उनका टेस्ट करियर खत्म हो जाएगा। साल 2014 में कंधे पर चोट लगने के बाद इस तेज गेंदबाज का आत्मविश्वास काफी कम हो गया था, उन्हें लगने लगा था कि यहां से टेस्ट क्रिकेट में वापसी नामुमकिन है। हालांकि रोच ने खुद ही इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया। रोच ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे खुद पर शक था। वो मेरे लिए काफी मुश्किल समय था। कंधा टूट जाना आसान नहीं होता और इसके बाद आपको रीहैब में लंबा समय बिताना पड़ता है। मुझे खुद पर गर्व है कि मै वापसी कर सका और अब भी वेस्टइंडीज के लिए खेल रहा हूं।”

रोच लॉर्ड्स के मैदान पर पांच विकेट हॉल लेने वाले आठवें वेस्टइंडीज गेंदबाज हैं। इस कीर्तिमान को हासिल करने के बाद परंपरा के मुताबिक रोच का नाम लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड में दर्ज किया गया। इस बारे में उनका कहना है कि, “मुझसे पहले कॉर्टनी वॉल्श, मैल्कम मॉर्शेल जैसे गेंदबाज ये कर चुके हैं और इसका हिस्सा बनना बेहतरीन अनुभव है। कई खिलाड़ी इस मैदान पर खेल चुके हैं और इस बोर्ड का हिस्सा बन चुके हैं। ये इतिहास है और मेरे लिए बहुत खास है।” दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक विंडीज टीम ने 3 विकेट खोकर 93 रन बनाए लिए थे और इंग्लैंड पर 22 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। [ये भी पढ़ें: उपलब्धियों के लिए नहीं देश के लिए क्रिकेट खेलता हूं: जेम्स एंडरसन]

रोच को पूरा भरोसा है कि उनकी टीम दूसरे टेस्ट में मिली ऐतिहासिक जीत को दोहरा सकती है। उन्होंने कहा, “हम यहां लड़ने आए हैं। ये बात हमारे दिमाग में हैं और हम यहां जीतने आए हैं। हमें कई चीजों पर काम करने की जरूरत है लेकिन वैसे देखा जाय तो एक युवा टीम इंग्लैंड आकर उनके खिलाफ इतनी जबरदस्त लड़ाई कर रही है। हम दूसरी पारी में भी ये लड़ाई जारी रखना चाहेंगे।”