कोलिंस ओबुया ने 23 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को कहा अलविदा
केन्या के लिए टी20 में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में टॉप पर हैं. साल 2003 और साल 2011 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था.
Published On Mar 24, 2024, 05:15 PM IST
Last UpdatedMar 24, 2024, 05:15 PM IST
Image credit- @Sulay177 Twitter
नई दिल्ली. आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2003 में केन्या के अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले कोलिंस ओबुया ने अपने 23 साल पुराने अंतर्राष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया है. ओबुया, जिन्होंने 2001 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था, अफ्रीकी खेलों के तीसरे स्थान के प्लेऑफ में युगांडा के खिलाफ अपनी टीम की 106 रन की हार के बाद रिटायरमेंट की घोषणा की. 42 वर्षीय खिलाड़ी टूर्नामेंट में पांच पारियों में 184 रन के साथ केन्या के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे.
आईसीसी के हवाले से ओबुया ने कहा, मैंने 23 साल बाद खेल से संन्यास लेने का फैसला किया है, केन्या के लिए खेलना एक बड़ा सम्मान है. उन्होंने कहा, मैं अपने सभी साथी और अपने परिवार को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो हमेशा मेरे साथ रहे. यह मेरे लिए एक शानदार करियर रहा है, इतने लंबे समय तक खेलने में सक्षम होना बहुत खास है, मुझे अपने करियर पर बहुत गर्व है, लेकिन अब समय आ गया है कि मैं घर पर अपनी कोचिंग पर ध्यान केंद्रित करूं और क्रिकेट के लिए जो भी अच्छा कर सकता हूं वह करूं.
विश्व कप 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी 98 रन की पारी
2044 वनडे रन के साथ, ओबुया केन्या के उन चार खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने वनडे दर्जा छिनने से पहले प्रारूप में 2000 से अधिक रन बनाए हैं. उनके 1794 टी20 रन किसी भी केन्या बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक हैं. उन्होंने 60 अंतर्राष्ट्रीय विकेट भी लिए. लेग-स्पिनिंग ऑलराउंडर की सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी 2011 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 98 रन थी, जो दुर्भाग्य से हार के कारण समाप्त हुई.
केन्या की श्रीलंका पर जीत के हीरो थे ओबुया
केन्या के 2011 विश्व कप अभियान के बाद, ओबुया को जिमी कमांडे की जगह टीम का कप्तान बनाया गया. टीम के आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2014 के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहने के बाद उन्होंने दो साल बाद 2013 में इस्तीफा दे दिया. 2003 क्रिकेट विश्व कप में ओबुया ने श्रीलंका के खिलाफ 24 रन देकर पांच विकेट चटकाए. उन्होंने अरविंद डी सिल्वा, कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के विकेट लेकर केन्या को 53 रन से जीत दिलाई.
इस जीत से मिले महत्वपूर्ण अंकों ने केन्या को टूर्नामेंट के सुपर सिक्स चरण और अंततः सेमीफाइनल तक पहुंचने में मदद की, और यह उपलब्धि हासिल करने वाला एकमात्र गैर-टेस्ट खेलने वाला देश बन गया.